UGC Chief on CUET, JEE, NEET Merger: विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के अध्यक्ष एम जगदीश कुमार ने संयुक्त प्रवेश परीक्षा (JEE) और राष्ट्रीय पात्रता प्रवेश परीक्षा (NEET) के साथ कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (CUET) के विलय को लेकर बड़ी बात कही है।
यूजीसी के चेयरमैन ने साक्षात्कार के दौरान कहा कि सीयूईटी, जेईई और नीट का विलय निश्चित रूप से संभव है। इस योजना पर काम किया जा रहा है, लेकिन जब भी विलय होगा, उसकी घोषणा कम से कम दो साल पहले की जाएगी, ताकि छात्र तदनुसार तैयारी कर सकें।
यूजीसी प्रमुख ने कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि राष्ट्रीय स्तर की एकल प्रवेश परीक्षा होने से छात्रों पर बोझ कम होगा। हमने छात्रों को मानसिक रूप से तैयार करने के लिए विचार किया कि एनईपी ने ऐसा प्रस्ताव दिया है और आने वाले वर्षों में इसकी संभावना है। हम आंतरिक रूप से काम कर रहे हैं कि इसे कैसे आगे बढ़ाया जाए।
हालांकि, इससे पहले यूजीसी प्रमुख ने कहा था कि जेईई, नीट और सीयूईटी के विलय पर कोई औपचारिक फैसला नहीं लिया गया है और छात्रों पर थोपा नहीं जाएगा। जबकि पूर्व में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने कोटा प्रवास के दौरान एक कोचिंग छात्र के सवाल के जवाब में कहा था कि फिलहाल सीयूईटी, जेईई और नीट के विलय का कोई ऐसा प्रस्ताव नहीं है, अगर हुआ भी तो कम से कम दो साल पहले घोषणा कर दी जाएगी।
कई छात्रों ने इंजीनियरिंग, मेडिकल और यूजी प्रवेश परीक्षाओं को 'एक राष्ट्र, एक प्रवेश परीक्षा' में विलय करने के विचार के बारे में चिंता और संदेह जताया था। क्योंकि, पिछले साल अगस्त में, यूजीसी प्रमुख ने तीन परीक्षाओं और एक प्रवेश परीक्षा को मर्ज करने के प्रस्ताव की घोषणा की थी।
प्रोफेसर कुमार ने कहा था कि प्रस्ताव के पीछे का उद्देश्य छात्रों पर तनाव को कम करना है। प्रस्ताव यह है कि क्या हम इन सभी प्रवेश परीक्षाओं को एकीकृत कर सकते हैं ताकि हमारे छात्रों को एक ही ज्ञान के आधार पर आधारित कई प्रवेश परीक्षाओं का सामना न करना पड़े? छात्रों के पास एक ही प्रवेश परीक्षा होनी चाहिए, लेकिन विषयों में आवेदन करने के कई अवसर होने चाहिए।