एग्जाम पैटर्न को अच्छे से समझना जरूरी
परीक्षा की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए परीक्षा पैटर्न को समझना भी जरूरी है। सीटेट में दो पेपर होते हैं। कौन सा पेपर किस कक्षा के शिक्षक बनने के लिए है और उसमें किन विषयों से सवाल पूछे जाते हैं, आइए समझते हैं।
सीटेट कितने पेपर, किसके लिए कौन सा पेपर?
सीटेट में दो (पेपर-1 और पेपर-2) होते हैं। दोनों पेपर की परीक्षा अवधि ढाई घंटे है।
- पेपर-1 कक्षा 1 से 5 तक के शिक्षक बनने के इच्छुक अभ्यर्थियों के लिए होता है।
- पेपर-2 कक्षा 6 से 8 तक के शिक्षक बनने के इच्छुक अभ्यर्थियों के लिए होता है।
जो अभ्यर्थी कक्षा एक से आठ तक दोनों स्तरों के लिए शिक्षक बनना चाहते हैं, उन्हें पेपर-1 और पेपर-2 दोनों देने होंगे।
पेपर-1 में किन विषयों से पूछे जाएंगे सवाल?
पेपर-1 प्राथमिक स्तर यानी कक्षा 1 से 5 के लिए होता है। इसमें सभी विषय अनिवार्य हैं। पेपर-1 में कुल 150 बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाएंगे। प्रत्येक प्रश्न एक अंक का होगा। इसमें नकारात्मक अंकन नहीं होगा।
| विषय |
प्रश्न |
अंक |
| बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र |
30 |
30 |
| गणित |
30 |
30 |
| पर्यावरण अध्ययन |
30 |
30 |
| भाषा-1 |
30 |
30 |
| भाषा-2 |
30 |
30 |
| कुल |
150 |
150 |
बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र में क्या पूछा जाएगा?
- इस खंड में छह से 11 वर्ष की आयु के बच्चों की शिक्षा और सीखने से जुड़ी शैक्षिक मनोविज्ञान पर सवाल होंगे।
- इसमें अलग-अलग तरह के विद्यार्थियों की विशेषताओं और जरूरतों को समझने, विद्यार्थियों के साथ बातचीत तथा एक अच्छे सीखने के सहायक की विशेषताओं और गुणों से जुड़े सवालों पर ध्यान दिया जाएगा।
भाषा-1 और भाषा-2 में क्या अंतर है?
- सीटेट में भाषा-1 का संबंध शिक्षण के माध्यम से जुड़ी दक्षता से होगा। वहीं भाषा-2 में भाषा, संचार और समझने की क्षमता से जुड़े सवाल पूछे जाएंगे।
- ध्यान रखें कि भाषा-2, भाषा-1 से अलग होनी चाहिए। अभ्यर्थियों को आवेदन के दौरान उपलब्ध भाषाओं में से एक को भाषा-1 और दूसरी को भाषा-2 के रूप में चुनने का अवसर दिया जाता है। सीटेट के लिए उपलब्ध भाषाएं हैं:
| कोड |
भाषा |
कोड |
भाषा |
| 01 |
अंग्रेजी |
15 |
पंजाबी |
| 02 |
हिंदी |
16 |
संस्कृत |
| 03 |
असमिया |
17 |
तमिल |
| 04 |
बंगाली |
18 |
तेलुगु |
| 05 |
गारो |
19 |
तिब्बती |
| 06 |
गुजराती |
20 |
उर्दू |
| 07 |
कन्नड़ |
21 |
बोडो |
| 08 |
खासी |
22 |
डोगरी |
| 09 |
मलयालम |
23 |
कश्मीरी |
| 10 |
मणिपुरी |
24 |
कोंकणी |
| 11 |
मराठी |
25 |
मैथिली |
| 12 |
मिजो |
26 |
संथाली |
| 13 |
नेपाली |
27 |
सिंधी |
| 14 |
ओड़िया |
|
|
गणित और पर्यावरण अध्ययन में किस तरह के सवाल होंगे?
- पेपर-1 में गणित और पर्यावरण अध्ययन से जुड़े सवालों में विषय की अवधारणाओं, समस्या हल करने की क्षमता और विषय को पढ़ाने की समझ पर ध्यान दिया जाएगा।
- इन विषयों के प्रश्न कक्षा एक से पांच के लिए एनसीईआरटी के निर्धारित पाठ्यक्रम के अलग-अलग हिस्सों से समान रूप से लिए जाएंगे। हालांकि प्रश्नों का कठिनाई स्तर और उनके बीच संबंध माध्यमिक स्तर तक हो सकते हैं।
पेपर-2 में किन विषयों से होंगे सवाल?
पेपर-2 कक्षा छह से आठ के शिक्षक बनने के इच्छुक अभ्यर्थियों के लिए है। इसमें भी कुल 150 प्रश्न होंगे और कुल 150 अंक होंगे।
| विषय / अनुभाग |
बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs) |
अंक |
| बाल विकास और शिक्षाशास्त्र (अनिवार्य) |
30 |
30 |
गणित और विज्ञान
(गणित और विज्ञान के शिक्षक के लिए)
अथवा
सामाजिक अध्ययन/सामाजिक विज्ञान
(सामाजिक अध्ययन/सामाजिक विज्ञान के शिक्षक के लिए) |
60 |
60 |
| भाषा-1 (अनिवार्य) |
30 |
30 |
| भाषा-2 (अनिवार्य) |
30 |
30 |
| कुल |
150 |
150 |
- गणित एवं विज्ञान के शिक्षक बनने वाले अभ्यर्थियों के लिए गणित एवं विज्ञान के 60 प्रश्न होंगे।
- सामाजिक अध्ययन/सामाजिक विज्ञान के शिक्षक बनने वाले अभ्यर्थियों के लिए इस हिस्से में सामाजिक अध्ययन/सामाजिक विज्ञान के 60 प्रश्न होंगे।
- किसी अन्य शिक्षक के लिए गणित एवं विज्ञान या सामाजिक अध्ययन/सामाजिक विज्ञान में से किसी एक का विकल्प होगा।
पेपर-2 में बाल विकास और भाषा से भी सवाल
- पेपर-2 के बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र खंड में 11 से 14 वर्ष की आयु के बच्चों की शिक्षा और सीखने से संबंधित शैक्षिक मनोविज्ञान पर सवाल पूछे जाएंगे।
- भाषा-1 में शिक्षण के माध्यम से जुड़ी दक्षता और भाषा-2 में भाषा, संचार तथा समझने की क्षमता पर आधारित प्रश्न होंगे। भाषा-2 का चयन भाषा-1 से अलग भाषा के रूप में करना होगा।
- गणित एवं विज्ञान तथा सामाजिक अध्ययन/सामाजिक विज्ञान में अवधारणाओं, समस्या हल करने की क्षमता और विषय को पढ़ाने की समझ पर आधारित सवाल होंगे। गणित और विज्ञान के प्रश्न 30-30 अंक के होंगे।
- पेपर-2 के प्रश्न कक्षा छह से आठ के लिए एनसीईआरटी के पाठ्यक्रम पर आधारित होंगे। हालांकि प्रश्नों का कठिनाई स्तर और उनके बीच संबंध वरिष्ठ माध्यमिक स्तर तक हो सकते हैं।
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सीटेट पास करने के लिए कितने अंक जरूरी?
सीटेट में 60 प्रतिशत या उससे अधिक अंक हासिल करने वाले अभ्यर्थी को टीईटी पास माना जाएगा। स्कूल प्रबंधन अपनी मौजूदा आरक्षण नीति के अनुसार अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और दिव्यांग अभ्यर्थियों आदि को अंकों में छूट देने पर विचार कर सकते हैं।
सीटेट पास करना शिक्षक भर्ती में नियुक्ति की गारंटी नहीं देता। यह नियुक्ति के लिए निर्धारित पात्रता मानदंडों में से एक है। हालांकि स्कूल प्रबंधन भर्ती प्रक्रिया में सीटेट अंकों को महत्व दे सकते हैं।