फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गेम खेलने के शौकीन पढ़ें ये खबर, अब इस फील्ड में भी बना सकते हैं करियर

Sun, 26 Jan 2020 05:04 PM IST
Garima Garg एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
Internet and gaming
विज्ञापन

12वीं के बाद क्या चुनें और क्या नहीं ये प्रश्न छात्रों को परेशान कर देता है। पर अब आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है। डिजिटल लाइफ स्टाइल की वजह से गैजेट्स की दुनिया के गेम्स में अचानक से उछाल आ गया है। भारत में ये मार्केट इस वक्त शुरुआती दौर में है, यही वजह है कि आने वाले समय में गेमिंग की दुनिया में प्रोफेशनल्स की मांग बढ़ेगी।

विज्ञापन


दिलचस्प बात ये है कि डिजिटल गेम्स के बच्चे ही नहीं युवा और दूसरे आयु वर्ग के लोग भी बहुत दीवाने हैं। मोबाइल, वीडियो, और गेम आदि में आप एक बेहतरीन करियर बना सकते हैं। विभिन्न पोस्ट्स के लिए आपकी शुरुआती तनख्वाह 3 से 4 लाख सालाना तक हो सकती है। आइए आपको बताते हैं कि कैसे बनाएं इस क्षेत्र में करियर।

विज्ञापन

क्या कहता है गेमिंग का मार्केट :
आजकल की पीढ़ी के लिए डिजिटल गेम खेलना सिर्फ मनोरंजन का नहीं बल्कि स्टेटस सिंबल का मुद्दा भी बन गया है। पिछले कुछ वक्त में भारत में कई ऑनलाइन गेम्स चर्चित हुए, जिसने इस क्षेत्र के करियर की तरफ युवाओं को आकर्षित किया। इतना ही नहीं, ऑपरेटर्स की बढ़ती संख्या ने भी प्रोफेशनल गेम डेवलपर की मांग बढ़ाई है। मार्किट में इस वक्त सोनी के प्लेस्टेशन, माइक्रोसॉफ्ट के एक्स-बॉक्स, नाइनटेंडो के गेम्स के साथ ऑनलाइन इंटरनेट गेम्स की भी जबरदस्त डिमांड है। जावा, सी, सी++, जे2एमई, ब्लैकबेरी, 2डी गेम डेवलपर्स,3डी डेवलपमेंट के जानकारों के लिए ये एक अच्छा करियर ऑप्शन है। डिजिटल होने की वजह से हर गेम में अलग-अलग बदलाव होते रहते हैं और नए गेम्स की मांग बढ़ती रहती है।

गेमिंग की दुनिया से जुड़कर बना सकते हैं ये करियर :
गेम डिजानइर का काम न सिर्फ गेम की डिजाइनिंग करना होता है बल्कि इन्हें उस गेम को रोचक रूप भी देना होता है। इन्हें गेम लिखने और उसके डायग्राम तैयार करने का काम भी करना होता है। टेक्नोलॉजी की जानकारी के साथ आर्टिस्टिक विजन भी जरूरी है क्योंकि लीड डिजाइनर पर पूरे कॉन्सेप्ट, डिजाइनिंग विजन, प्रेजेंटेशन, इंप्लिमेंटेशन आदि की जिम्मेदारी होती है। कंप्यूटर गेम प्रोड्यूसर को डिजाइनिंग के साथ टू डी सॉफ्टवेयर और थ्री डी मॉडेलिंग की जानकारी होना भी अनिवार्य है। इसके अलावा ऑडियो इंजीनियर बनने के लिए साउंड इंजीनियरिंग के साथ-साथ सी++ और दूसरी लैंग्वेज की गहरी जनकारी होना जरूरी है। इन इंजीनियर्स को आर्ट, डिजाइन, क्वालिटी कंट्रोल आदि पर टीम के साथ काम करना होता है और प्रोडक्शन की प्रक्रिया की जिम्मेदारी भी लेनी होती है। ऑडियो प्रोग्रामर को साउंड इंजीनियर के साथ मिल कर काम करना होता है। कंप्यूटर इंजीनियर के लिए ये एक बेहतरीन करियर माना जाता है।

ये भी पढ़ें- जूते की दुकान से IAS बनने तक का सफर, ऐसे की थी तैयारी

ऑडियो प्रोग्रामर को किसी भी गेम में स्पेशल इफेक्ट्स डालने होते हैं जिसके के लिए साउंड सिथेसिस की जानकारी आवश्यक है। लीड एनिमेटर अमूमन किसी भी गेम के सीनियर आर्टिस्ट और लीड प्रोग्रामर के साथ काम करते हैं। एनिमेटर की भूमिका में काम करने के लिए आपके पास टू डी टैक्सचर मैप को तैयार करने की और ट्र डी कॉन्सेप्ट आर्ट के माध्यम से थ्री डी मॉडल्स तैयार करने की योग्यता अनिवार्य रूप से होनी चाहिए। ग्राफिक प्रोग्रामर किसी भी गेम को बनाने के लिए टेक्निकल सपोर्ट देता है। इसके लिए आपको डायरेक्ट एक्स, सी, सी++, विंडो प्रोग्रामिंग, ओपन जीएल, थ्री डी पैकेज अदि की जानकारी अवश्य होनी चाहिए।

जाने माने गेम डेवलपर्स-
• जंप गेम्स, मुंबई
• डिजिटल चॉकलेट, बेंगलूर
• गेमलॉफ्ट, हैदराबाद
• इंडिया गेम्स, मुंबई
• इलेक्ट्रॉनिक ऑट्स, हैदराबाद
• मोबाइल टू विन, मुंबई

शिक्षा की अन्य खबरों से अपडेट रहने के लिए यहां क्लिक करें। 
सरकारी नौकरियों की अन्य खबरों से अपडेट रहने के लिए यहां क्लिक करें।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें