वैश्विक महामारी कोरोना वायरस से बचाव को लेकर लॉकडाउन में स्कूली छात्रों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी। केंद्र सरकार के आदेश पर एनसीईआरटी ने चार हफ्ते का वैकल्पिक कलेंडर तैयार कर लिया है। लर्निंग आउटकम के तहत पहली से 12वीं कक्षा के छात्र घर बैठे अपनी कक्षा के विषय की पढ़ाई के अलावा फिजिक्ल एक्टिवटी, ड्राइंग, इनडोर गेम्स, ऑर्ट-कल्चर में भी दक्ष होंगे। शिक्षक प्रतिदिन पहले पेरेंट्स को दिनभर की क्लास में पढ़ाई जाने वाले विषयों की जानकारी देंगे। उसके बाद पेरेंट्स घर के अंदर अपने सभी बच्चों की एक साथ मस्ती की पाठशाला चलाएंगे। इसमें मस्ती, पढ़ाई, क्रिएटिवनेस दिखेगी।
मानव संसाधन विकास मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, पिछले हफ्ते एनसीईआरटी को वैकल्पिक कलेंडर फ्रेमवर्क पर गाइडलाइन बनाने की जिम्मेदारी सौंपी थी। क्योंकि भारत में एनसीईआरटी फ्रेमवर्क के तहत तैयार पाठ्यक्रम और पढ़ाई होती है। इसी के तहत एनसीईआरटी विशेषज्ञों ने विभिन्न कक्षा और आयु के आधार पर लर्निंग आउटकम के तहत गाइडलाइन बनाई है। सीबीएसई बोर्ड के मान्यता प्राप्त स्कूलों, केंद्रीय विद्यालय संगठन, जवाहर नवोदय और 28 राज्यों के स्कूलों में एनसीईआरटी पाठ्यक्रम से पढ़ाई होती है। इन स्कूलों के अलावा अन्य राज्य सरकार भी इस गाइडलाइन के तहत घर बैठे छात्रों को ऑनलाइन क्लासेस की पढ़ाई करवा सकेंगी। गाइडलाइन में फिलहाल अभी सीखाने पर जोर है, ताकि छात्रों में घर के अंदर बंद रहने से किसी प्रकार की नकारात्मकता न आए। इसमें अपनी क्लास के विषयों के अलावा उनका दिमाग क्रिएटिव रहेगा। चार हफ्तों की गाइडलाइन में प्रावधान होगा कि जरूरत के आधार पर इस अवधि को बढ़ाया जा सके।
विशेष छात्रों के लिए ऑडियो बुक
विशेष छात्रों के लिए एनसीईआरटी ने पहले ही ऑडियो बुक बनाई हुई हैं। इसका लाभ लेने के लिए अपने कंप्यूटर पर डेजी सॉफ्टवेयर डाउनलोड करना होगा। इसकी मदद से छात्र को सभी पृष्ठों पर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी, बल्कि वह सीधे किसी भी चैप्टर, पेज, पैराग्राफ पर जा सकेंगे। पाठक टैब कुंजी की मदद से इनको नेविगेट कर सकते हैं।
भाई-बहन की एक साथ लगेगी होम क्लास
चार हफ्ते के वैकल्पिक अकेडमिक कलेंडर की गाइडलाइन इसी हफ्ते मानव संसाधन विकास मंत्रालय को सौंपी जाएगी। इसमें भाई-बहन सब मिलकर घर के अंदर उपलब्ध रिसोर्स के तहत पढ़ाई करेंगे। शिक्षक पहले अभिभावकों को प्रतिदिन केआधार पर गाइड करेंगे। इसमें लर्निंग आउटकम पर आधारित विषय के अलावा योगा, ड्राइंग,क्रिएटिव इनडोर गेम्स, घर का काम या जो भी बच्चा घर में खुशी-खुशी सीख सकता है पर फोकस होगा।
एनसीईआरटी का सारा पाठ्यक्रम ऑनलाइन वेबसाइट पर उपलब्ध है। कंप्यूटर न होने पर शिक्षक मोबाइल के व्हाटसएप से भी क्लास चलाएंगे।
-प्रो. ऋषिकेश सेनापति, निदेशक, एनसीईआरटी।