प्रश्न - अर्थशास्त्र में बीए(ऑनर्स)करने के बाद अब मैं एलएलबी के फाइनल ईयर में हूं। कॉरपोरेट लॉ में मेरी काफी दिलचस्पी है। ऐसे में मैं यह फैसला नहीं ले पा रहा हूं कि इसके बाद एलएलएम करूं या एमबीए? संबंधित संस्थानों को लेकर भी भ्रम है। क्या एलएलबी के बाद सीधे जॉब के लिए जाना ठीक रहेगा? आपकी सलाह की मुझे सख्त जरूरत है।
मनीष झा
उत्तर - कॉरपोरेट लॉ के जानकारों की आजकल काफी मांग है, जो विभिन्न कंपनियों को कानूनी अधिकारों और कर्तव्यों के बारे में सलाह देते हैं। आज के वैश्विक परिदृश्य में ऐसे विशेषज्ञों के लिए अवसरों की कमी नहीं है। कुछ साल पहले तक कु्छ ही कंपनियां विदेशी कारोबार से जुड़ी हुई थीं, लेकिन अब छोटी कंपनियां भी कारोबारी जरूरत के मद्देनजर विदेशी लेनेदेन से संबद्ध होने लगी हैं।
ऐसे में उन्हें विभिन्न मामलों में कॉरपोरेट लॉ के जानकारों की मदद लेनी पड़ती है। एम एंड ए, आईपीओ, जीडीआर, टैक्सेशन, स्ट्रक्चरल फाइनेंस, बैंकिंग आदि कई ऐसे कार्यक्षेत्र हैं, जहां कॉरपोरेट लॉ फर्म्स द्वारा कंपनियों को सेवाएं दी जाती हैं। देखा जाए तो कॉरपोरेट लॉयर बनने के लिए एलएलबी के अलावा अन्य किसी डिग्री की जरूरत नहीं है। यदि आप एमबीए कर लेंगे, तो इसका आपको लाभ जरूर होगा, क्योंकि इससे अकाउंटिंग, फाइनेंस और बिजनेस का पर्याप्त ज्ञान आपको हो जाएगा। आपकी रुचि कॉरपोरेट लॉ में है। इसलिए अभी से या इस डिग्री के बाद आप अविलंब जॉब की तलाश में जुट जाएं। किसी लॉ फर्म अथवा किसी कंपनी के लीगल डिपार्टमेंट में अपने लिए रिक्तियों पर नजर रखें।