दिल्ली विश्वविद्यालय के कॉलेजों में कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए ऑफलाइन प्रैक्टिकल कक्षाएं रोक दी हैं। कॉलेज अब ऑनलाइन प्रैक्टिकल कक्षाओं से ही विद्यार्थियों की पढ़ाई कराएंगे। कॉलेज अब दस दिन बाद पूरे मामले की समीक्षा करेंगे। दस दिनों के लिए विद्यार्थियों की एंट्री प्रतिबंधित करने के संबंध में कई कॉलेजों ने रविवार को आदेश भी जारी कर दिए।
इस तरह से सोमवार से विद्यार्थियों को कक्षाओं के लिए कॉलेज में नहीं जाना है। उल्लेखनीय है कि एक फरवरी से तीसरे वर्ष के विद्यार्थियों को प्रैक्टिकल कक्षाएं, लाइब्रेरी के इस्तेमाल के लिए कॉलेज आने की अनुमति दी गई थी।
ऑनलाइन प्रैक्टिकल कक्षाओं से होगी पढ़ाई, कुछ कॉलेजों में कक्षाएं बची हैं
राजधानी कॉलेज प्रिंसिपल डॉ राजेश गिरी ने बताया कि अब तक केवल अंतिम वर्ष के कुछ विद्यार्थी ही प्रैक्टिकल कक्षाओं व एनसीसी के विभिन्न गतिविधियों के लिए आ रहे थे। लेकिन अब प्रैक्टिकल कक्षाएं व अन्य कार्यक्रम दस दिन के लिए बंद कर दिए है। हमारे यहां कुछ प्रैक्टिकल कक्षाएं अभी बची हुई हैं। अब दस दिन तक बची हुई प्रैक्टिकल कक्षाएं ऑनलाइन ही कराई जाएंगी। दस दिन बाद पूरी स्थिति की समीक्षा होगी। इस संबंध में कॉलेज ने आदेश जारी कर दिया है।
नॉर्थ कैंपस स्थित हंसराज कॉलेज प्रिंसिपल डॉ रमा ने बताया कि हमारे यहां प्रैक्टिकल कक्षाओं के लिए बेहद कम ही विद्यार्थी आ रहे थे। ऐसे में अब पहले से ही ऑनलाइन कक्षाएं चला रहे हैं। हमने विद्यार्थियों के लिए अभी हॉस्टल खोला नहीं है। साथ ही लाइब्रेरी केइस्तेमाल के लिए एक-दो-एक-दो विद्यार्थी ही कॉलेज पहुंच रहे थे। अब उन्हें भी आने के लिए मना कर दिया जाएगा।
वहीं जाकिर हुसैन कॉलेज ने भी एक आदेश जारी कर कहा है कि दिल्ली में कोविड-19 के बढ़ते मामलों को देखते हुए विद्यार्थियों को सलाह दी है कि वह कॉलेज शैक्षणिक कार्यों(प्रैक्टिकल कक्षाओं व लाइब्रेरी) के लिए नहीं आएं। मालूम हो कि दिल्ली विश्वविद्यालय ने शनिवार को अगले दस दिनों तक विद्यार्थियों को कॉलेज विभाग आदि जगहों पर ना आने की सलाह दी थी। छात्रों को कहा गया था कि वह घर और हॉस्टल में ही रहें और जरुरी होने पर ही कॉलेज व कैंपस आएं। जिसकेबाद हरकत में आते हुए कॉलेजों ने रविवार को आदेश जारी कर दिए।