फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

राजस्थान: उर्दू की जगह संस्कृत पढ़ाने का आदेश, गृह राज्य मंत्री के फर्जी डिग्री वाले बयान से गहराया विवाद

Tue, 18 Feb 2025 06:39 PM IST
आकाश कुमार एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

Rajasthan: राजस्थान में कुछ सरकारी स्कूलों में उर्दू की जगह संस्कृत को तीसरी भाषा के रूप में पढ़ाने के आदेश के बाद गृह राज्य मंत्री ने उर्दू शिक्षकों पर फर्जी डिग्री के आरोप लगाए। उर्दू शिक्षक संघ ने इसे निराधार और गैरजिम्मेदाराना बताया।
 
विज्ञापन
Jawahar Singh Bedam - फोटो : Facebook (Jawahar Singh Bedam)
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

Rajasthan: राजस्थान के कुछ सरकारी स्कूलों में उर्दू की बजाय संस्कृत को तीसरी भाषा के रूप में पढ़ाने का आदेश देने के बाद, एक मंत्री की टिप्पणी ने विवाद खड़ा कर दिया। मंत्री ने कहा था कि राज्य में कई उर्दू शिक्षकों ने फर्जी डिग्री के आधार पर नौकरी हासिल की है। यह विवाद भाजपा शासित राज्य में गहराया है।

विज्ञापन


हाल ही में, राजस्थान के शिक्षा विभाग ने जयपुर स्थित महात्मा गांधी सरकारी स्कूल (आरएसी बटालियन) में उर्दू को तीसरी भाषा के रूप में पढ़ाने वाली कक्षाओं को निलंबित कर दिया था, और इसे एक विकल्प के रूप में पेश करने का आदेश जारी किया था। कुछ समय बाद, बीकानेर के एक सरकारी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय को भी इसी तरह का आदेश मिला।

इन आदेशों के खिलाफ विरोध बढ़ने के बीच, गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेधम ने सोमवार को भरतपुर में एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि राज्य में कई उर्दू शिक्षकों ने फर्जी डिग्री के आधार पर नौकरी हासिल की है। उन्होंने यह भी कहा, "पूर्व कांग्रेस सरकार ने संस्कृत शिक्षकों की जगह उर्दू शिक्षकों को नियुक्त किया था। अब हम उर्दू नहीं जानते और कोई भी उसे पढ़ता नहीं है, इसलिए हम उर्दू शिक्षकों के पद खत्म करेंगे और लोगों को सही शिक्षा देंगे।"

विज्ञापन
विज्ञापन

बिना जांच के उर्दू शिक्षकों को फर्जी कहना गलत: उर्दू शिक्षक संघ

राजस्थान उर्दू शिक्षक संघ ने मंत्री की टिप्पणी को निराधार और गैर-जिम्मेदाराना बताया। संघ के अध्यक्ष अमीन कायमखानी ने कहा, "बिना जांच के उर्दू शिक्षकों को फर्जी कहना गलत है। यह भी गलत है कि कांग्रेस सरकार ने संस्कृत शिक्षकों की जगह उर्दू शिक्षकों को नियुक्त किया था।"

वहीं, माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के निदेशक आशीष मोदी ने कहा कि यह आदेश सभी स्कूलों के लिए समान नहीं है। उन्होंने बताया, "यह आदेश केवल कुछ स्कूलों के लिए है। बीकानेर के नापासर के सरकारी स्कूल में एक छात्र के अलावा कोई भी तीसरी भाषा के रूप में उर्दू नहीं पढ़ता। इसलिए इसे बंद किया गया।"

जयपुर के महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय (आरएसी बटालियन) में उर्दू की कक्षाएं बंद करने का आदेश दिलावर के विशेष सहायक के निर्देश पर जिला शिक्षा अधिकारी ने जारी किया। आदेश में कहा गया था, "मंत्री ने संस्कृत शिक्षकों के पद सृजित करने और उर्दू कक्षाओं को बंद करने का आदेश दिया है। इसलिए, इस विद्यालय में संस्कृत को तीसरी भाषा के रूप में शुरू करने का प्रस्ताव इस कार्यालय को भेजें।" इस पर आपत्ति जताते हुए कांग्रेस विधायक रफीक खान ने दिलावर को पत्र लिखा। उन्होंने कहा, "वर्तमान में 127 छात्र तीसरी भाषा के रूप में उर्दू पढ़ रहे हैं। उर्दू कक्षाएं बंद करने से छात्रों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।"
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें