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सिविल सेवा परीक्षा में आड़े नहीं आती अंग्रेजी, हिंदी और अन्य क्षेत्रीय भाषाओं का बोलबाला

Fri, 06 Dec 2019 08:00 AM IST
Mohit Mudgal एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
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civil service exam - फोटो : file photo
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भारत में हर साल लाखों उम्मीदवार सिविल सेवा परीक्षा के लिए तैयारी करते हैं। इनमें कुछ उम्मीदवार ऐसे भी होते हैं, जो अंग्रेजी भाषा में सहज नहीं होते और इस बात से वह काफी परेशान रहते हैं। वे खुद को अंग्रेजी जानने वाले उम्मीदवारों से कमतर आंकते हैं। लेकिन अब इस अवधारणा को बदलने का समय आ गया है।

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गुरुवार को सरकार ने आंकड़े जारी करते हुए बताया कि साल 2018 में 485 ऐसे उम्मीदवारों का चयन सिविल सेवा के लिए किया गया है, जिन्होंने अपनी मातृ भाषा का चुनाव हिंदी या क्षेत्रीय भाषाओं के तौर पर किया था।   

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने राज्यसभा में लिखित जवाब देते हुए यह जानकारी दी कि साल 2018 में केद्रीय सिविल सेवाओं के लिए 812 उम्मीदवारों की सिफारिश की गई थी। इसमें से करीब 60 प्रतिशत उम्मीदवार वो थे, जिन्होंने हिंदी या अन्य क्षेत्रीय भाषा को मातृ भाषा के रूप में चुना था।
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सिविल सेवा परीक्षा का आयोजन हर साल किया जाता है। इसमें सफल उम्मीदवारों को रैंक के आधार पर भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस), भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) तथा भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) में अधिकारी पद पर नियुक्त किया जाता है।

केंद्रीय मंत्री द्वारा जारी डाटा के अनुसार साल 2017 में विभिन्न सेवाओं के लिए कुल 1,056 उम्मीदवारों का चयन किया गया। इसमें से 633 उम्मीदवार वो थे जिन्होंने हिंदी या किसी अन्य क्षेत्रीय भाषा को अपनी मातृ भाषा के रूप में चुना था। साल 2016 की परीक्षा के दौरान विभिन्न सेवाओं के लिए चुने गए 1,204 उम्मीदवारों में से 664 ने मातृ भाषा के तौर पर हिन्दी या अन्य क्षेत्रीय भाषा का चयन किया था।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हम ऐसे कार्यबल के लिए प्रयत्नशील है, जिसमें पुरुष तथा महिला उम्मीदवारों की संख्या में संतुलन हो। उन्होंने कहा कि महिला उम्मीदवारों को सिविल सेवाओं में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।

महिला उम्मीदवारों को सिविल सेवा परीक्षा शुल्क का भुगतान करने की जरूरत नहीं है। जितेंद्र सिंह ने बताया कि ग्रुप 'सी' और 'डी' के पदों पर आवेदन करने के लिए महिला उम्मीदवारों को आयु सीमा में अतिरिक्त छूट दी गई है। महिला उम्मीदवार 35 वर्ष की आयु तक इन पदों पर आवेदन कर सकती हैं। 

उन्होंने कहा कि ग्रुप 'ए' और ग्रुप 'बी' के पदों पर भी इसी तरह की छूट दी जाती है, जहां भर्तियां खुली प्रतियोगी परीक्षा के माध्यम से की जाती हैं। हालांकि, ये निर्देश केवल केंद्र सरकार के सिविल कर्मचारियों पर ही लागू हैं।

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