नींद और कम स्क्रीन टाइम पर जोर
उन्होंने बताया कि कई वैज्ञानिक अध्ययनों में यह पाया गया है कि नियमित शारीरिक गतिविधि और व्यायाम (जैसे दौड़ना) से एकाग्रता बढ़ती है और पढ़ाई-लिखाई में बेहतर प्रदर्शन होता है।
ऊंची कक्षाओं में भी, जहां आमतौर पर पढ़ाई-लिखाई पर ज़्यादा ध्यान दिया जाता है, शारीरिक गतिविधि को स्कूल की दिनचर्या का हिस्सा बनाया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा, "शारीरिक गतिविधि को सिर्फ प्रतिस्पर्धी खेलों तक ही सीमित नहीं रखना चाहिए। पैदल चलना, साइकिल चलाना, आउटडोर गेम्स और एक्टिव खेल - ये सभी हेल्दी दिनचर्या में योगदान दे सकते हैं।" उन्होंने यह भी कहा कि मेटाबोलिक हेल्थ बनाए रखने के लिए पर्याप्त नींद लेना भी उतना ही जरूरी है।
उन्होंने इस बात पर जरो दिया कि स्कूल बच्चों की शुरुआती उम्र में ही उनकी आदतें बनाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। इसके लिए वे हेल्दी खान-पान, नियमित शारीरिक गतिविधि, पर्याप्त नींद और कम स्क्रीन टाइम को बच्चों की रोजमर्रा की दिनचर्या में शामिल कर सकते हैं।