14 विश्वविद्यालयों में एक ही समुदाय के कुलपति : राज्यपाल
राज्यपाल अनुसुईया उइके ने आगे कहा था कि छत्तीसगढ़ के 14 विश्वविद्यालयों में केवल एक ही समुदाय के लोगों को कुलपति पद की जिम्मेदारी दी गई है। राज्य के अन्य समुदायों के लोगों को भी मौका मिलना चाहिए। नियुक्तियों में स्थानीयता नहीं बल्कि योग्यता को तरजीह देनी चाहिए।
मुख्यमंत्री बोले- यह छत्तीसगढ़ के हित में नहीं
राज्यपाल के इस बयान पर पलटवार करते हुए, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा था कि राज्यपाल हमारी संवैधानिक प्रमुख हैं। उनको इस मुद्दे पर राजनीति करना बंद कर देनी चाहिए। छत्तीसगढ़ के हित में नहीं है। बघेल ने कहा कि कहा कि स्थानीय लोगों की मांग और हितों को ध्यान में रखा जाना चाहिए।
प्रतिनिधिमंडल ने की थी स्थानीय कुलपति की मांग
हालांकि, हाल ही में आईजीकेवी शिक्षक संघ के एक प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल उइके से मुलाकात की थी। दावा है कि उस दौरान, प्रतिनिधिमंडल ने मांग की थी कि विश्वविद्यालय में स्थानीय कुलपति नियुक्त किया जाए। जबकि, राजभवन से जारी एक बयान के अनुसार, उइके ने प्रतिनिधिमंडल को बताया कि आईजीकेवी के नियमों और अधिनियम के अनुसार वीसी का चयन योग्यता और बिना किसी भेदभाव के किया जाएगा। बयान में कहा गया है कि प्रतिनिधिमंडल ने जिस तरह से इस मुद्दे पर मीडिया से बात की, उसके लिए उन्होंने उन्हें फटकार भी लगाई।
राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू
इस बीच, नेता प्रतिपक्ष और भाजपा विधायक धरमलाल कौशिक ने सीएम के बयान पर निशाना साधा और कहा कि कांग्रेस इस तरह से राज्य के प्रमुख संस्थानों को बदनाम करने की लगातार कोशिश कर रही है। वहीं, कांग्रेस के राज्य संचार प्रकोष्ठ के प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि भाजपा को आईजीकेवी फैकल्टी प्रतिनिधिमंडल द्वारा की गई स्थानीय व्यक्ति को वीसी नियुक्त करने की मांग पर अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए।