अधिसूचना में क्या कहा गया?
जारी की गई अधिसूचना में कहा गया है कि राष्ट्रीय फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय अधिनियम, 2020 (2020 के 32) की धारा 4 की उप-धारा (4) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, केंद्र सरकार एतद्द्वारा अधिसूचित करती है कि गोवा और त्रिपुरा में स्थापित परिसरों को राष्ट्रीय फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय के रूप में शामिल किया जाएगा।
क्या है राष्ट्रीय फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय?
गुजरात की राजधानी गांधीनगर में स्थित राष्ट्रीय फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय (NFSU) की स्थापना साल 2020 संसद के एक अधिनियम द्वारा की गई थी। इसके अंतर्गत विभिन्न राज्यों में 10 एनएफएसयू परिसरों की स्थापना उनके संबंधित कानून की आवश्यकताओं के अनुसार राज्यों की पुलिस और न्यायिक प्रणाली में फोरेंसिक विज्ञान को शामिल करने का एक कदम है। यह कदम गृह मंत्रालय की योजना का हिस्सा है जिसके तहत विश्वविद्यालय कार्य करता है।
इन राज्यों से भी बातचीत
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार गृह मंत्रालय के साथ विश्वविद्यालय अपने परिसरों को खोलने के लिए त्रिपुरा और गोवा सरकारों के साथ बातचीत कर रहा था। परिसरों को खोलने के लिए इसी तरह की बातचीत मणिपुर, हिमाचल प्रदेश, लद्दाख, ओडिशा, असम, राजस्थान और मध्य प्रदेश सरकार के साथ भी चल रही थी।
चार-पांच वर्षों का रोडमैप
राष्ट्रीय फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय, गांधीनगर के अंतर्गत अगले चार-पांच वर्षों में 20 से अधिक प्रशिक्षण केंद्र, भारत में 10 परिसर, विदेशों में पांच परिसर और 50-100 संबद्ध कॉलेज खोलने की योजना है। पिछले साल अगस्त में, एनएफएसयू ने इस दिशा में अपना पहला कदम उठाया और लखनऊ के फोरेंसिक विज्ञान संस्थान में डीएनए परीक्षण केंद्र स्थापित किया था।