समिति के अध्यक्ष विनीत जोशी
इस नौ सदस्यीय पैनल की अध्यक्षता उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी कर रहे हैं। इसके सदस्यों में सीबीएसई अध्यक्ष, स्कूल शिक्षा और उच्च शिक्षा विभाग के संयुक्त सचिव, आईआईटी मद्रास, एनआईटी त्रिची, आईआईटी कानपुर और एनसीईआरटी के प्रतिनिधि शामिल हैं। इसके अलावा, केंद्रीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय और एक निजी स्कूल के प्रधान भी पैनल में हैं।
पैनल का उद्देश्य सिर्फ परीक्षा की कठिनाई स्तर की समीक्षा करना नहीं है, बल्कि छात्रों की कोचिंग पर निर्भरता को कम करने के लिए व्यापक उपाय सुझाना भी है। पैनल स्कूलिंग सिस्टम में मौजूद अंतर, जैसे आलोचनात्मक सोच, तार्किक क्षमता, विश्लेषणात्मक कौशल और नवाचार पर सीमित ध्यान तथा रूट लर्निंग की प्रचलित पद्धति का मूल्यांकन कर रहा है।
इसके अलावा, छात्रों और अभिभावकों में विविध कैरियर विकल्पों की जानकारी की कमी और स्कूलों/कॉलेजों में कैरियर काउंसलिंग सेवाओं की प्रभावशीलता पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
जून 2025 में गठित हुई थी समिति
यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है, जब देश के विभिन्न कोचिंग संस्थानों में छात्रों की बढ़ती निर्भरता के कारण कई समस्याएं सामने आई हैं। इसमें छात्रों की तनावपूर्ण परिस्थितियां, आत्महत्याओं की बढ़ती घटनाएं, आग दुर्घटनाएं और कोचिंग संस्थानों की सुविधाओं की कमी शामिल हैं। जून 2025 में शिक्षा मंत्रालय ने यह पैनल गठित किया था ताकि कोचिंग संस्थानों, डमी स्कूलों और प्रवेश परीक्षाओं की निष्पक्षता से जुड़ी समस्याओं की समीक्षा की जा सके।