सीसीएसयू से संबद्ध कॉलेजों में एडमिशन के लिए पोर्टल बृहस्पतिवार शाम से खुल गया। पहले दिन 53 रजिस्ट्रेशन हुए हैं। छात्र-छात्राएं रजिस्ट्रेशन के वक्त कॉलेज चुनने में गलती न करें। जो तीन कॉलेज च्वाइस में भरे जाएंगे उनके अलॉट होने के बाद बदलाव कराना आसान नहीं होगा।
सीसीएसयू से संबद्ध मेरठ और सहारनपुर मंडल के नौ जिलों की बात करें तो एडेड-राजकीय और सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों में ग्रेजुएशन कोर्सों में 142851 सीटें हैं। बीए में एडेड-राजकीय कॉलेजों में 22 हजार और सेल्फ फाइनेंस में 54 हजार से ज्यादा, बीकॉम में एडेड-राजकीय कॉलेजों में 46 सौ और सेल्फ फाइनेंस में 22 हजार से ज्यादा सीटें हैं। बीएससी बायो-मैथ-स्टेटिक्स में एडेड-राजकीय कॉलेजों में 9463 और सेल्फ फाइनेंस में 20 हजार से ज्यादा सीट हैं। बीएससी एजी में एडेड और सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों में 2840 सीटें हैं। 12वीं के बाद पांच वर्षीय बीए-एलएलबी और बीकॉम-एलएलबी में छह हजार से ज्यादा सीटें हैं।
इन कोर्सों में एडमिशन लेने के लिए बृहस्पतिवार से यूनिवर्सिटी का एडमिशन पोर्टल खुल गया है। छात्र-छात्राएं एडमिशन के लिए रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। छात्रों को तीन कॉलेजों का विकल्प देना है। विवि प्रशासन ने इस बार स्पष्ट किया है कि विकल्प में सोच-समझकर ही कॉलेजों की च्वाइस भरें। एक बार कॉलेज अलॉट होने के बाद उनमें बदलाव नहीं होगा। अगर किसी का नंबर पहली ही मेरिट में प्रथम विकल्प वाले कॉलेज में आ जाता है। अगर वह इसके बाद भी एडमिशन नहीं लेता है तो उसको ओपन मेरिट में भी वे ही कॉलेज ऑप्शन में दिखेंगे जो उसने दूसरे और तीसरे नंबर पर भरे थे। ऐसे में छात्र-छात्राएं साइबर कैफे में फार्म भरते वक्त इसका ध्यान रखें।