पैटर्न में कोई बदलाव नहीं
बोर्ड ने साफ किया है कि 2025 की परीक्षा का पैटर्न वही रहेगा जो 2024-25 में था। इसका मतलब है कि छात्रों और शिक्षकों को किसी नए फॉर्मेट की चिंता नहीं करनी होगी। पुराने तरीके से ही पढ़ाई और तैयारी की जा सकती है। इस तरह की निरंतरता से पढ़ाई का तरीका एक जैसा बना रहेगा, जिससे बेहतर समझ और तैयारी संभव हो पाएगी।
सैंपल पेपर पढ़ाई और पढ़ाने, दोनों के लिए मददगार
बोर्ड ने अपने आधिकारिक नोटिस में बताया कि कक्षा 10वीं और 12वीं के लिए जो सैंपल पेपर (SQP) और मार्किंग स्कीम (MS) जारी की गई है, वो सिर्फ परीक्षा की तैयारी के लिए नहीं, बल्कि कक्षा में पढ़ाई और कॉन्सेप्ट को अच्छे से समझाने के लिए भी बनाई गई है। इन सैंपल पेपर्स से यह भी सुनिश्चित होता है कि पूरे सिलेबस को बराबर कवर किया जा रहा है। बोर्ड ने टीचर्स से कहा है कि वे इन सैंपल पेपर्स को अपनी डेली पढ़ाई की योजना में शामिल करें।
स्कूलों में लगेगा ‘ऑयल बोर्ड’
CBSE ने हाल ही में देशभर के सभी स्कूलों को एक जरूरी निर्देश भेजा है। इसमें कहा गया है कि स्कूलों में अब 'ऑयल बोर्ड' लगाया जाए, जिससे छात्र ज्यादा तेल वाले खाने से होने वाले नुकसान के बारे में जान सकें। यह बोर्ड बच्चों को तला-भुना खाना कम करने और हेल्दी डाइट अपनाने के लिए प्रेरित करेगा।
बोर्ड का कहना है कि आजकल बच्चे जंक फूड ज्यादा खाते हैं और फिजिकल एक्टिविटी बहुत कम करते हैं, जिससे मोटापा बढ़ रहा है। एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत में 2021 में करीब 18 करोड़ लोग मोटापे से परेशान थे और यह संख्या 2050 तक 45 करोड़ तक पहुंच सकती है। ऐसे में बच्चों को बचपन से ही सही खानपान की जानकारी देना बहुत जरूरी है।