प्रधानाचार्य एवं शिक्षकों को देंगे प्रशिक्षण
आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस को विषय के रूप में लागू करने और शिक्षकों को प्रशिक्षित करने के लिए केंद्र सरकार ने माइक्रोसाफ्ट इंटेल, आईबीएम जैसी कंपनियों से समझौता किया है। ये कंपनियां पहले दौर में शिक्षकों एवं प्रधानाचार्यों को प्रशिक्षित करेंगी। देश के दूसरे शहरों में प्रशिक्षण का काम शुरू हो गया है। जिन स्कूलों में प्रशिक्षण पूरा हो गया है, वहां विषय को पढ़ाया जा रहा है।
50 अंक का होगा प्रश्नपत्र
सीबीएसई की वेबसाइट पर उपलब्ध यूनिट वाइज कोर्स में पहली यूनिट में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस का परिचय है। पहली यूनिट में 10 अंक का सैद्घांतिक और 10 अंक की प्रयोगात्मक परीक्षा होगी। दूसरी यूनिट में प्रोजेक्ट साइकिल शामिल है, इसमें भी 10 अंक की सैद्घांतिक और 10 अंक की प्रयोगात्मक परीक्षा होगी। तीसरी यूनिट में नेचुरल नेटवर्क को रखा गया है, इसमें 10 अंक की सैद्घांतिक और 10 अंक की प्रयोगात्मक परीक्षा होगी। चौथी यूनिट में पाइथन का परिचय है, इसमें 20 अंक की सैद्घांतिक और 10 अंक की प्रयोगात्मक परीक्षा होगी। इसी तरह पांचवीं यूनिट में को-करिकुलर स्किल है, इसमें 10 अंक की प्रयोगात्मक परीक्षा होगी।
प्रयागराज के स्कूलों का नहीं हुआ प्रशिक्षण
श्री महाप्रभु पब्लिक स्कूल की प्रधानाचार्या एवं सहोदया की अध्यक्ष रविंदर बिरदी का कहना है कि अभी तक सीबीएसई की ओर से प्रयागराज के किसी शिक्षक को आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस का प्रशिक्षण नहीं दिया गया है। प्रशिक्षण पूरा होने और शिक्षक की व्यवस्था होने के बाद इसे लागू करने के बारे में सोचा जाएगा। फिलहाल, सीबीएसई की योजना सभी स्कूलों में इसको लागू किए जाने की है।
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