2 जून को शुरू हुआ था पोर्टल
सीबीएसई ने हाल ही में 12वीं बोर्ड परीक्षा के परिणाम घोषित होने के बाद छात्रों के लिए पोस्ट-रिजल्ट सर्विसेज पोर्टल शुरू किया था। इस पोर्टल के माध्यम से छात्र उत्तर पुस्तिकाओं के सत्यापन, पुनर्मूल्यांकन और अन्य परिणाम संबंधी सेवाओं का लाभ ले सकते हैं।
बोर्ड के अनुसार, पोर्टल शुरू होने के बाद से पिछले तीन दिनों में इस पर लगातार साइबर हमले किए गए। इन हमलों के दौरान बड़ी मात्रा में संदिग्ध और दुर्भावनापूर्ण इंटरनेट ट्रैफिक देश के विभिन्न हिस्सों से पोर्टल की ओर भेजा गया।
क्या था हमलावरों का मकसद?
सीबीएसई का कहना है कि हमलावरों का उद्देश्य पोर्टल की कार्यप्रणाली को बाधित करना, वास्तविक उपयोगकर्ताओं की पहुंच रोकना और अनधिकृत तरीके से जानकारी हासिल करने का प्रयास करना था।
बोर्ड ने यह भी कहा कि हमलों की प्रकृति और पैमाने को देखते हुए यह एक संगठित साइबर गतिविधि प्रतीत होती है, जिसकी गंभीरता से जांच की जानी चाहिए।
डाटा पूरी तरह सुरक्षित
सीबीएसई ने स्पष्ट किया है कि लगातार साइबर हमलों के बावजूद उसके सिस्टम और डाटाबेस पूरी तरह सुरक्षित रहे। बोर्ड के अनुसार, किसी भी छात्र या उपयोगकर्ता के डाटा में सेंधमारी नहीं हुई और न ही कोई संवेदनशील जानकारी लीक हुई है।
बोर्ड ने कहा कि उसकी साइबर सुरक्षा व्यवस्था ने सभी हमलों को सफलतापूर्वक रोक दिया और किसी भी प्रकार की अनधिकृत पहुंच को रोका गया।
24 घंटे निगरानी से रोके गए हमले
सीबीएसई ने बताया कि साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों की 24x7 निगरानी और त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र के कारण इन हमलों को समय रहते नियंत्रित कर लिया गया। इस दौरान कई प्रमुख संस्थानों और सरकारी एजेंसियों ने तकनीकी सहयोग प्रदान किया। इनमें ये एजेंसियां शामिल रहीं:
- आईआईटी कानपुर
- आईआईटी मद्रास
- डिजिटल इंडिया कॉर्पोरेशन
- इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C)
- CERT-In
- अन्य केंद्रीय सरकारी एजेंसियां
जांच शुरू
बोर्ड ने कहा है कि साइबर हमलों के स्रोत, उद्देश्य और जिम्मेदार लोगों की पहचान के लिए जांच शुरू कर दी गई है। दिल्ली पुलिस की IFSO यूनिट मामले की जांच करेगी और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सीबीएसई ने छात्रों और अभिभावकों को आश्वस्त किया है कि पोर्टल सामान्य रूप से काम कर रहा है और पोस्ट-रिजल्ट सेवाएं बिना किसी बाधा के जारी रहेंगी।