एक रिपोर्ट के मुताबिक मूल्यांकन में शिक्षकों का बिहेवियर भी मायने रखता है। कुछ शिक्षक, लिखावट और उत्तर के अलग तरीके से लिखने के बाद भी अच्छे अंक दे देते हैं। कुछ शिक्षक गंदी लिखावट व अलग तरह से उत्तर लिखने पर अंक काट देते थे। अब एआई से मूल्यांकन होगा तो लिखावट और शिक्षक का बिहेवियर मायने नहीं रहेगा, क्योंकि गंदी लिखावट और उत्तर को अलग तरीके से लिखने के बाद भी एआई उसको समझेगा और अंक देगा।
दो प्रकार से मूल्यांकन होगा
मूल्यांकन दो तरह से होगा। इसमें पहला डिजिटल मूल्यांकन और उसके बाद शिक्षक भी उसकी जांच कर सकेंगे। शिक्षक की जांच के बाद फिर एआई से मूल्यांकन होगा। शिक्षक द्वारा नंबर काटने पर एआई उस गलती को हाईलाइट कर सवाल उठा सकता है कि नंबर गलत तरीके से काटे गए हैं। मूल्यांकन ऑनलाइन कंप्यूटर आधारित परीक्षा और ऑफलाइन यानी कागज-पेन पर लिखे गए उत्तर पुस्तिका दोनों का संभव है।