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CBSE: सीबीएसई एआई से कराएगा उत्तर पुस्तिकाओं का डिजिटल मूल्यांकन, अब खराब लिखावट को भी समझकर देगा सही अंक

Tue, 24 Feb 2026 06:53 AM IST
शिवम गर्ग सीमा शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

सीबीएसई 10वीं बोर्ड परीक्षा में डिजिटल मूल्यांकन शुरू कर रहा है। एआई तकनीक से खराब लिखावट को भी समझकर सही अंक दिए जाएंगे। शिक्षकों की गलतियों का असर नहीं होगा।

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केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, CBSE - फोटो : X(@cbseindia29)
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विस्तार
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अब बोर्ड और प्रतियोगी परीक्षाओं की उत्तरपुस्तिकाएं कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से जांच की जाएंगी। डिजिटल मूल्यांकन में शुद्धता 95 फीसदी तो शिक्षकों द्वारा मूल्यांकन में यह 92 फीसदी है यानी एआई से जांच में गलती न के बराबर होगी। सीबीएसई बोर्ड ने इसी बार की 10वीं बोर्ड परीक्षा का डिजिटल मूल्यांकन करवाने की घोषणा की है।

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आईआईटी, एनआईटी, समेत कई शिक्षण संस्थान लागू करने से पहले छोटे-छोटे ग्रुुप में परीक्षाओं के डिजिटल मूल्यांकन की परख कर रहे हैं। आईआईआईटी बंगलूरू ने लागू कर दिया है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) भी जेईई मेन, नीट, सीयूईटी समेत अन्य राष्ट्रीय दाखिला व अन्य परीक्षाओं का डिजिटल मूल्यांकन कर रहा है। इसका मकसद गलतियों को पकड़ना और सही उत्तर पर अंक देना है।

पिछले दिनों दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित हुए इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में एआई से शिक्षा में बदलाव दिखा। स्कूल और उच्च शिक्षा में मानवीय हस्तक्षेप से इतर डिजिटल मूल्यांकन को लागू करने की तैयारी चल रही है। सीबीएसई बोर्ड के बाद देशभर में डिजिटल मूल्यांकन पर बहस छिड़ गई है। एआई के दौर में एक वर्ग ने इसे शिक्षकों की नौकरी को खतरा बताया तो दूसरे वर्ग ने इसे सराहा है।
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एआई गंदी लिखावट को भी अच्छे से समझ सकता है कोडकेंद्रा के प्रमुख तोमेश जैन ने बताया कि उन्होंने डिजिटल मूल्यांकन की तकनीक ईजाद की है। इससे छात्रों को सबसे अधिक लाभ होगा। पहले जिन छात्रों को लिखावट साफ और अच्छी होती थी, उन्हें बिना किसी दिक्कत के अच्छे अंक मिल जाते थे। मगर, जिन छात्रों की लिखावट अच्छी नहीं होती थी, अधिकतर शिक्षकों को उनका उत्तर समझ नहीं आता था। इस कारण उनके अंक कट जाते थे।

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एक रिपोर्ट के मुताबिक मूल्यांकन में शिक्षकों का बिहेवियर भी मायने रखता है। कुछ शिक्षक, लिखावट और उत्तर के अलग तरीके से लिखने के बाद भी अच्छे अंक दे देते हैं। कुछ शिक्षक गंदी लिखावट व अलग तरह से उत्तर लिखने पर अंक काट देते थे। अब एआई से मूल्यांकन होगा तो लिखावट और शिक्षक का बिहेवियर मायने नहीं रहेगा, क्योंकि गंदी लिखावट और उत्तर को अलग तरीके से लिखने के बाद भी एआई उसको समझेगा और अंक देगा।

दो प्रकार से मूल्यांकन होगा
मूल्यांकन दो तरह से होगा। इसमें पहला डिजिटल मूल्यांकन और उसके बाद शिक्षक भी उसकी जांच कर सकेंगे। शिक्षक की जांच के बाद फिर एआई से मूल्यांकन होगा। शिक्षक द्वारा नंबर काटने पर एआई उस गलती को हाईलाइट कर सवाल उठा सकता है कि नंबर गलत तरीके से काटे गए हैं। मूल्यांकन ऑनलाइन कंप्यूटर आधारित परीक्षा और ऑफलाइन यानी कागज-पेन पर लिखे गए उत्तर पुस्तिका दोनों का संभव है।

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