छात्रों ने पेमेंट फेल और पोर्टल हैंग होने की शिकायत की
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर खुद को छात्र बताने वाले कई यूजर्स का कहना है कि आवेदन शुल्क बैंक खाते से कट जाने के बावजूद पोर्टल पर 'पेमेंट असफल' दिखाया जा रहा है। कुछ छात्रों ने आरोप लगाया कि वेबसाइट बहुत धीमी चल रही थी और 'Preview & Confirmation' स्टेज से आगे नहीं बढ़ रही थी।
एक यूजर ने लिखा कि उसने 300 रुपये चार बार जमा किए, लेकिन हर बार आवेदन अस्वीकार हो गया। लेकिन 3 रुपये का भुगतान स्वीकार हो गया। छात्र का दावा है कि उसके 1,200 रुपये अब तक वापस नहीं मिले हैं। वहीं एक अन्य छात्र आदित्य शर्मा ने कहा कि भुगतान किए हुए 17 घंटे से ज्यादा समय हो गया, लेकिन पोर्टल अब भी पेमेंट सफल नहीं दिखा रहा।
धुंधली स्कैन कॉपियों को लेकर भी सवाल
तकनीकी समस्याओं के अलावा कई छात्रों ने ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स ने कथित रूप से धुंधली स्कैन कॉपियों के स्क्रीनशॉट साझा किए और पूछा कि यदि कॉपियां स्पष्ट नहीं थीं तो मूल्यांकन कैसे किया गया।
कुछ छात्रों ने दावा किया कि वे अपनी ही लिखावट को स्कैन कॉपी में ठीक से नहीं पढ़ पा रहे हैं। छात्रों और अभिभावकों ने मूल्यांकन प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता की मांग की है। कई सोशल मीडिया यूजर्स ने ओएसएम प्रणाली हटाने, मैनुअल रीचेकिंग कराने और प्रभावित छात्रों को ग्रेस मार्क्स देने की भी मांग की।
सीबीएसई ने अभी नहीं दिया अलग जवाब
हालांकि, सीबीएसई की ओर से अब तक धुंधली उत्तर पुस्तिकाओं या ओएसएम मूल्यांकन प्रणाली से जुड़े आरोपों पर कोई अलग आधिकारिक प्रतिक्रिया जारी नहीं की गई है। बोर्ड द्वारा जारी अंतिम नोटिस में कहा गया कि पोर्टल सामान्य रूप से काम कर रहा है और आवेदन सफलतापूर्वक स्वीकार किए जा रहे हैं।