वेरिफिकेशन और री-इवैल्यूएशन में क्या अंतर है?
दोनों प्रक्रियाएं अलग हैं। इसलिए आवेदन करने से पहले छात्रों को इनके बीच का अंतर समझ लेना चाहिए।
- अंकों का वेरिफिकेशन: इसमें यह जांच की जाती है कि उत्तरपुस्तिका में दिए गए सभी प्रश्नों के अंक सही तरीके से जोड़े गए हैं या नहीं। साथ ही यह भी देखा जाता है कि सभी उत्तरों के लिए अंक दिए गए हैं और उत्तरपुस्तिका के पहले पेज पर दर्ज कुल अंक सही हैं या नहीं।
- री-इवैल्यूएशन: इसमें छात्र किसी खास प्रश्न के उत्तर को दोबारा जांचने का अनुरोध कर सकता है। इसके लिए संबंधित प्रश्न के आधार पर आवेदन करना होता है।
सीबीएसई 10वीं री-इवैल्यूएशन के लिए कैसे करें आवेदन?
छात्र नीचे दिए गए आसान चरणों के जरिए आवेदन कर सकते हैं:
- सीबीएसई की आधिकारिक वेबसाइट cbse.gov.in पर जाएं।
- कक्षा 10वीं री-इवैल्यूएशन से संबंधित लिंक पर क्लिक करें।
- “Click here to apply” विकल्प चुनें।
- इसके बाद “Apply Class 10 (Verification/Re-Evaluation)” पर क्लिक करें।
- अपनी Answer Book Application ID, Roll Number, School Number और Centre Number दर्ज करें।
- Proceed पर क्लिक करें।
- वेरिफिकेशन या री-इवैल्यूएशन के लिए संबंधित प्रक्रिया चुनें।
- निर्धारित शुल्क का ऑनलाइन भुगतान करें।
- आवेदन जमा होने के बाद उसकी जानकारी सुरक्षित रख लें।
सीबीएसई छात्रों की ओर से दर्ज आपत्तियों की जांच करेगा। जांच के बाद जरूरत के अनुसार अंकों में बदलाव किया जा सकता है और इसकी जानकारी छात्रों को दी जाएगी।