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OSM पर सवाल: CBSE ने दी सफाई, कहा- 'मूल्यांकन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, पुनर्मूल्यांकन का मिलेगा मौका'

Fri, 15 May 2026 07:39 PM IST
Akash Kumar एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

CBSE: सीबीएसई ने कक्षा 12वीं के रिजल्ट के बाद उठे सवालों पर सफाई देते हुए कहा है कि ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम पारदर्शिता और निष्पक्ष मूल्यांकन सुनिश्चित करने के लिए लागू किया गया है। बोर्ड ने छात्रों को री-इवैल्यूएशन और उत्तर पुस्तिका की कॉपी पाने का विकल्प भी उपलब्ध कराया है।
 
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CBSE ने दी ऑन स्क्रीन मार्किंग विवाद पर सफाई - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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CBSE OSM System: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड यानी सीबीएसई ने कक्षा 12वीं के परिणाम घोषित होने के बाद सोशल मीडिया पर उठ रहे सवालों और चर्चाओं पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम को मूल्यांकन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष और समान बनाने के उद्देश्य से लागू किया गया है।

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क्या है ऑन स्क्रीन मार्किंग विवाद का पूरा मामला?

हाल ही में सोशल मीडिया पर फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी और मैथ्स जैसे विषयों में छात्रों को मिले अंकों को लेकर कई पोस्ट सामने आए थे। इन पोस्टों में ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम के तहत मूल्यांकन प्रक्रिया पर सवाल उठाए जा रहे थे। इसके बाद सीबीएसई ने आधिकारिक बयान जारी कर अपनी मूल्यांकन प्रणाली का पक्ष रखा।

क्या है ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम?

सीबीएसई के अनुसार ओएसएम यानी ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम को इसलिए लागू किया गया ताकि उत्तर पुस्तिकाओं की जांच में पारदर्शिता और एकरूपता बनी रहे। इस प्रणाली के तहत परीक्षकों को स्टेप-बाय-स्टेप मार्किंग करनी होती है, जिससे हर उत्तर का निष्पक्ष मूल्यांकन सुनिश्चित किया जा सके।

यह भी पढ़ें: 98.66 लाख कॉपियों की हुई डिजिटल जांच, सीबीएसई ने बताया ऑन स्क्रीन मार्किंग से क्या फायदा हुआ

बोर्ड का कहना है कि यह प्रणाली अलग-अलग क्षेत्रों और विषयों में समान मूल्यांकन प्रक्रिया बनाए रखने में मदद करती है। इससे छात्रों को निष्पक्ष अंक देने में सुविधा होती है और मूल्यांकन में व्यक्तिपरक अंतर कम होता है।

सीबीएसई ने यह भी कहा कि स्टेपवाइज मार्किंग लंबे समय से बोर्ड की मूल्यांकन प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा रही है और ओएसएम सिस्टम उसी प्रक्रिया को तकनीकी रूप से अधिक मजबूत बनाता है।

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छात्रों को मिलेगा री-इवैल्यूएशन का मौका

बोर्ड ने अपने बयान में यह भी दोहराया कि जिन छात्रों को अपने अंकों को लेकर संतोष नहीं है, उन्हें उत्तर पुस्तिका की कॉपी प्राप्त करने और पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन करने का अवसर दिया जाएगा। सीबीएसई ने कहा कि यह व्यवस्था छात्रों के प्रति पारदर्शिता, निष्पक्षता और समानता सुनिश्चित करने की उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

छात्र सबसे पहले अपनी मूल्यांकित उत्तर पुस्तिका की कॉपी प्राप्त कर सकेंगे। इसके बाद यदि उन्हें किसी प्रकार की त्रुटि या विसंगति दिखाई देती है, तो वे निर्धारित प्रक्रिया के तहत सुधार या पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन कर सकते हैं।
 
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बोर्ड ने पारदर्शी मूल्यांकन प्रणाली पर जताया भरोसा

सीबीएसई ने अपने बयान में कहा कि बोर्ड निष्पक्ष, न्यायसंगत और समान मूल्यांकन प्रणाली बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। बोर्ड का कहना है कि उसकी मूल्यांकन प्रक्रिया पारदर्शी और मजबूत मानकों पर आधारित है।

बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया कि सभी प्रक्रियाएं निर्धारित नियमों और आधिकारिक तंत्र के तहत ही पूरी की जाएंगी। छात्रों और अभिभावकों से अपील की गई है कि वे किसी भी भ्रम या अपुष्ट जानकारी पर भरोसा न करें और केवल आधिकारिक सूचनाओं को ही मानें।
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