सीबीएसई ने कक्षा 10वीं छात्रों के लिए नए पासिंग मानदंड की घोषणा की है। केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा घोषित नए नियम के अनुसार, 10वीं का पात्र बनने के लिए उम्मीदवार को उसमें कुल 33 प्रतिशत (दोनों आंतरिक मूल्यांकन और बोर्ड परीक्षा एकत्र की जानी चाहिए) लाने अनिवार्य होंगे। पिछले साल की सीबीएसई कक्षा 10वीं बोर्ड परीक्षा में उपस्थित उम्मीदवारों को अलग-अलग पासिंग मानदंडों से छूट दी गई थी।
प्रैक्टिकल और आंतरिक मूल्यांकन में अनुपस्थित है तो उम्मीदवार के अंक 0 (शून्य) माने जाते थे और परिणाम के अनुसार गणना की जाती थी। अब यह निर्णय बदल गया है, अब माध्यमिक वर्गों के छात्रों के लिए समान उत्तीर्ण मानदंडों का विस्तार करने का निर्णय लिया गया है सीबीएसई के एक परिपत्र में कहा है कि 2019 में कक्षा दस की परीक्षा के लिए विषयों को पारित करने के योग्य होने के लिए विषयों में समग्र 33% (दोनों एक साथ ले जाये गये) अंकों को सुरक्षित करना होगा।