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CBSE Board 2020: कक्षा 12वीं के छात्र यहां देखें हिंदी (आधार) का मॉडल पेपर, बेहतर करें तैयारी

Sat, 25 Jan 2020 10:49 AM IST
Garima Garg एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
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cbse - फोटो : cbse
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CBSE Board Class 12th hindi(basic) Model Paper : बोर्ड परीक्षाएं अगले महीने से शुरू हो रही हैं। विद्यार्थी ज्यादा से ज्यादा समय परीक्षा की तैयारी में जुटे हैं। लेकिन अब जरूरी है कि छात्र परीक्षा के लिए विषयों के रिवीजन के साथ-साथ उनके मॉडल टेस्ट पेपर भी हल करना शुरू करें। इससे उन्हें अपनी तैयारी और बेहतर करने में मदद मिलेगी। हम हर रोज आपके लिए अलग-अलग विषयों का मॉडल पेपर लेकर आ रहे हैं। 
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ये पेपर्स सीबीएसई बोर्ड के शिक्षकों द्वारा ही बनाए गए हैं। यहां हम कक्षा 12वीं के विद्यार्थियों के लिए विज्ञान का मॉडल पेपर दे रहे हैं। आगे आपको इसकी सॉफ्ट कॉपी और हार्ड कॉपी दोनों मिल जाएगी। आपकी सहूलियत के लिए मॉडल पेपर की फोटो भी दी जा रही है, जिसे आप डाउनलोड कर उसका प्रिंट निकाल सकते हैं।
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मॉडल पेपर सीबीएसई बोर्ड-2020 हिंदी (आधार)

समय - 3 घंटे 15 मिनट
पूर्णांक : 80
नोट - प्रारंभ के 15 मिनट परीक्षार्थियों को प्रश्न-पत्र पढ़ने के लिए निधारित हैं। 

सामान्य निर्देश-
  1. इस प्रश्न पत्र में तीन खण्ड हैं-क, ख, ग । तीन खंडों के प्रश्नों के उत्तर देना अनिवार्य है। 
  2. एक अंक के प्रश्नों के उत्तर 15-20 शब्दों में लिखिए। दो अंक के प्रश्नों के उत्तर 30-40 शब्दों में लिखिए। तीन अंक के प्रश्नों के उत्तर 60- 70 शब्दों में लिखिए। 
  3. चार अंक के प्रश्नों के उत्तर 80-100 शब्दों में लिखिए। पांच अंक के प्रश्नों के उत्तर 120-150 शब्दों में लिखिए।

खंड-क

1. निम्नलिखित गद्यांश को ध्यान पूर्वक पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए- .. (12)

प्रजातंत्र के तीन मुख्य अंग हैं-कार्यपालिकाए विधायिका और न्यायपालिका। प्रजातंत्र की सार्थकता एवं दृढ़ता को ध्यान में रखते हुए और जनता के प्रहरी होने की भूमिका को देखते हुए मीडिया (दृश्य, श्रव्य और मुद्रित) को प्रजातंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में देखा जाता है। समाचार-माध्यम या मीडिया को पिछले वर्षों में पत्रकारों और समाचार-पत्रों ने एक विश्वसनीयता प्रदान की है और इसी कारण है विश्व में मीडिया एक अलग शक्ति के रूप में उभरा है। कार्यपालिका और विधायिका की समस्याओं, कार्य-प्रणाली और विसंगतियों की चर्चा प्रायः होती रहती है और सर्वसाधारण में वे विशेष चर्चा के विषय रहते ही हैं। इसमें समाचार-पत्र, रेडियो और टी०वी० समाचार अपनी टिप्पणी के कारण ! चर्चा को आगे बढ़ाने में योगदान करते हैं, पर न्यायपालिका अत्यंत महत्वपूर्ण होने, के बावजूद उसके बारे में चर्चा कम ही होती है। ऐसा केवल अपने देश में ही, नहीं अन्य देशों में भी कमोबेश यही स्थिति है। स्वराज-प्राप्ति के बाद और एक लिखित संविधान के देश में लाग होने के उपरांत लोकतंत्र के तीनों अंगों के कर्तव्यों, अधिकारों और दायित्वों के बारे में जनता में जागरूकता बढ़ी है। संविधान-निर्माताओं का उद्देश्य रहा है कि तीनों अंग परस्पर ताल-मेल से कार्य करेंगे। तीनों के पारस्परिक संबंध भी संविधान द्वारा निर्धारित फिर भी समय के साथ-साथ कुछ समस्याएं उठ खड़ी होती हैं। आज लोकतंत्र यह महसूस करता है कि न्यायपालिका भी अधिक पारदर्शिता हों, जिससे उसकी प्रतिष्ठा और सम्मान बढ़े। 'जिस देश में पंचों को परमेश्वर मानने की परंपराए वहां ! न्यायमूर्तियों पर आक्षेप दुर्भाग्यपूर्ण है।' 

(क) लोकतंत्र के तीनों अंगों का नामोल्लेख कीजिए। चौथा अंग किसे माना जाता है?
(ख) लोकतंत्र में मीडिया की भूमिका स्पष्ट कीजिए। 
(ग) अत्यंत महत्वपूर्ण अंग होने के बावजूद न्यायपालिका के बारे में मीडिया में कम चर्चा क्यों होती है? 
(घ) जनता में अधिकारों और दायित्वों के प्रति जागरूकता बढ़ाने में किसका योगदान है? कैसे? 
(ड) मारदर्शिता से क्या तात्पर्य है? लोकतंत्र न्यायपालिका में अधिक पारदर्शिता क्यों चाहता है? 
(च) आशय स्पष्ट कीजिए-जिस देश में पंचों को परमेश्वर मानने की परंपरा हो, वहां न्यायमूर्तियों पर आक्षेप दुर्भाग्यपूर्ण है? 
(छ) निर्देशानुसार उत्तर दीजिए
1. विशेषण बनाइए-विश्व, प्रतिष्ठा 
2. वाक्य में प्रयोग कीजिए-मर्यादा, विसंगति 
(ज) उपर्यक्त गद्यांश के लिए उपयक्त शीर्षक दीजिए।

2. निम्नलिखित काव्यांश को ध्यान पूर्वक पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए-(4)

निर्भय स्वागत करो मृत्यु काएं ..
मृत्यु एक है विश्राम-स्थल। 
जीव जहाँ से फिर चलता है,
धारण कर नव जीवन संबल । 
मृत्यु एक सरिता है, जिसमें 
श्रम से कातर जीव नहाकर 
फिर नूतन धारण करता है, 
काया रूपी वस्त्र बहाकर। 
सच्चा प्रेम वही है जिसकी
तृप्ति आत्म-बलि पर हो निर्भर! 
त्याग बिना निष्प्राण प्रेम है, 
करो प्रेम पर प्राण निछावर। 

(क) कवि ने मृत्यु के प्रति निर्भय बने रहने के लिए क्यों कहा है?
(ख) मृत्यु को विश्राम-स्थल क्यों कहा गया है?
(ग) कवि ने मृत्यु की तुलना किससे और क्यों की है? 
(घ) मृत्यु रूपी सरिता में नहाकर जीव में क्या परिवर्तन आ जाता है?

खंड-ख 

3. निम्नलिखित में से किसी एक विषय पर लगभग 150 शब्दों में रचनात्मक लेख लिखिए-
(क) आधुनिकता और नारी 
(ख) फिल्मों की सामाजिक भूमिका 
(ग) आधुनिक युग में कंप्यूटर 

4. वन-महोत्सव के अवसर पर लगाए गए वृक्ष उदयाम विभाग के उपेक्षा भरे व्यवहार के कारण सूखते जा रहे हैं। उदयान विभाग के निदेशक को पत्र लिखकर उचित० कार्यवाही के लिए अनुरोध कीजिए। ....
अथवा
महिलाओं की असुरक्षा की बढ़ती घटनाओं पर चिंता प्रकट करते हुए तथा इसके समाधान हेतु समुचित उपाय बताते हुए किसी प्रतिष्ठित समाचार-पत्र के संपादक, को पत्र।


5. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर अधिकतम 15.20 शब्दों में लिखिए

(क) फीचर लेखन की भाषा शैली कैसी होनी चाहिए?
(ख) 'पेज थ्री' पत्राकारिता का तात्पर्य क्या है? .
(ग) स्तम्भ लेखन' से क्या तात्पर्य है?
(घ) जनसंचार के प्रमुख माध्यम कौन-कौन से हैं?
(ड) हिन्दी के किन्हीं दो समाचार पत्रों के नाम लिखिए। 

6. बस्ते का बढ़ता बोझ अथवा बाल श्रमिक विषय पर 80-100 शब्दों में एक आलेख लिखिए।

खंड-ग 

7. निम्नलिखित काव्यांश को ध्यान पूर्वक पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर लगभग 30-40 शब्दों लिखिए।

मैं जग-जीवन का मार लिए फिरता हूं, फिर भी जीवन में प्यार लिए फिरता हूं, कर दिया किसी ने प्रकृत जिमको छूकर । मैं सांसों के दी तार लिए फिरता हुं।", मैं स्नेह-सुरा का पान किया कस्ता हूं, में कभी न जग का ध्यान किया करता हूं, जग पूछ रहा उनको, जो जग की गाते, में अपने मन का गान किया करता हूं । 
(क) जगजीवन का भार लिए फिरने से कवि का क्या आशय हैं? ऐसे में भी वह क्या कर लेता है? 
(ख) स्नेह-सुरा' से कवि का क्या आशय हैं?
(ग) आशय स्पष्ट कीजिए जग पूछ रहा उनको, जो जग की गाते। 
- अथवा
पतंगों के साथ-साथ वे भी उड रहे हैं 
अपने रंध्रों के सहारे 
अगर वे कभी गिरते हैं छत्तों के खतरनाक किनारों से 
और बच जाते हैं तब तो
और भी निडर होकर सनहले सरज के सामने आते हैंट
पृथ्वी और भी तेज घूमती हुई जाती है 
उनके बंचन पैरों के पास
(क) सुनहल सूरज के सामने आने से कवि का क्या आशय हैं? 
(ख) गिरकर बचने पर बच्चों में क्या प्रतिक्रिया होती है? 
(ग) पैरों को बेचैन क्यों कहा गया हैं?

8. निम्नलिखित काव्यांश को ध्यान पूर्वक पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर लगभग 30-40 शब्दों लिखिए-
बहत काली सिल जरा से लाल केसर से 
कि जैसे धुल गई हो 
स्लेट पर या लाल खड़िया चाक 
मल दी हो किसी ने 
(क) कवि ने किस समय का चित्रण किया हैं? 
(ख) कवि काली सिंल और लाल केसर के माध्यम से क्या कहना चाहता हैं?
अथवा 
प्रात नभ था बहुत नीला शंख जैसे
भोर का नभ 
राख से लीपा हुआ चौका
(अभी गीला पड़ा है) 
(क) प्रातःकालीन आकाश की तुलना किससे की गई हैं और क्यों?
(ख) कवि ने भोर के नभ को राख से लीपा हुआ चौंका क्यों कहा हैं? 

9. निम्नलिखित प्रश्नों में से किन्ही दो के उत्तर 60-70 शब्दों में दीजिये-

(क) भाषा को सहूलियत से बरतने से क्या अभिप्राय है? (बात सीधी थी पर)
 (ख) उषा कविता में कवि ने किस जादू के टूटने का वर्णन किया है?
 (ग) रुबाइयां पाठ के आधार पर घर-आंगन में दीवाली और राखी के दृश्य-बिंब को अपने शब्दों में समझाइए।

10. निम्नलिखित गद्यांश को ध्यान पूर्वक पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर लगभग 60-70 शब्दों लिखिए-
पिता का उस पर अगाध प्रेम होने के कारण स्वभावतः ईष्यालु और संपत्ति की रक्षा में सतर्क विमाता ने उनके मरणांतक रोग का समाचार तब भेजा, जब वह मृत्यु की सूचना भी बन चुका था। रोने-पीटने के अपशकुन से बचने के लिए सास ने भी उसे कुछ न बताया। बहुत दिन से नैहर नहीं गई, सो जाकर देख आवे, यही कहकर और पहना-उढ़ाकर सास ने उसे विदा कर दिया। इस अप्रत्याशित अनुग्रह ने उसके पैरों में जो पंख लगा दिए थे, वे गाँव की सीमा में पहुंचते ही झड़ गए। ' 'हाय लछमिन अब आई' की अस्पष्ट पुनरावृत्तियां और स्पष्ट सहानुभूतिपूर्ण दृष्टियां उसे घर तक ठेल ले गई। पर वहां न पिता का चिहन शेष था, न विमाता के व्यवहार में शिष्टाचार का लेश था। दुख से शिथिल और अपमान से जलती हुई वह उस घर में पानी भी बिना पिए उलटे पैरों ससुराल लौट पड़ी। सास को खरी-खोटी सुनाकर उसने विमाता पर आया हुआ क्रोध शांत किया और पति के ऊपर गहने फेंक-फेंककर उसने पिता के चिर विछोह की मर्मव्यथा व्यक्त की। 
(क) भक्तिन की विमाता ने पिता की बीमारी का समाचार देर से क्यों भेजा? 
(ख) सास ने लछमन को क्या बहाना बनाकर मायके भेजाघ क्यों? 
(ग) गांव में जाकर लछमन को कैसा व्यवहार मिला?

अथवा

अथवा अंधेरी रात चुपचाप आँस बहा रही थी। निस्तब्धता करुण सिसकियों और आहों को बलपूर्वक अपने हृदय में ही दबाने की चेष्टा कर रही थी। आकाश में तारे चर्मक रहे थे। पृथ्वी पर कहीं प्रकाश का नाम नहीं। आकाश से टूटकर यदि कोई भावुक तारा पृथ्वी पर जाना भी चाहता तो उसकी ज्योति और शक्ति रास्ते में ही शेष हो जाती थी। अन्य तारे उसकी भावुकता अथवा असफलता पर खिलखिलाकर हँस पड़ते थे। (क) गाँव में ऐसा क्या हो गया था कि आंधेरी रात चुपचाप असू बहा रही थी।

(ख) कहानी में वातावरण-निमणि के लिए लेखक औधरी रात के स्थान पर - चांदनी रात को चनता तो क्या अंतर आ जाता? स्पष्ट करें।
(ग) उक्त गद्यांश के आधार पर लेखक की भाषा-शैली पर टिप्पणी कीजिए। 

11. निम्नलिखित क, ख, ग प्रश्नों में से किन्हीं दो प्रश्नों का उत्तर दीजिये, प्रश्न घ अनिवार्य है-
(क) बाजार किसी का लिंग, जाति, धर्म या क्षेत्र नहीं देखता वह देखता है सिर्फ उसकी क्रय शक्ति को। इस रूप में वह एक प्रकार से सामाजिक समता की भी रचना कर रहा है। आप इससे कहां तक संहमत हैं? 
(ख) पाठ के आरंभ में नमक किस बात का प्रतीक हैं? इस कहानी में वतन शब्द का भाव किस प्रकार दोनों तरफ के लोगों को भावुक करता है? 
(ग) भक्तिन की बेटी पर पंचायत द्वारा जबरन पति थोपा जाना एक दुर्घटना भर नहीं? बल्कि विवाह के संदर्भ में स्त्री के मानवाधिकार (विवाह करें या न करें अथवा किससे करें) इसकी स्वतंत्रता को कुचलते रहने की सदियों से चली आ रही सामाजिक परंपरा का प्रतीक है। कैसे? 
(घ) चार्ली चैप्लिन की फिल्मों के बारे में परिचय दीजिए। 

12.निम्नलिखित प्रश्नों में से किन्हीं तीन के उत्तर 80-100 शब्दों में दीजिये-

(क) पुत्र की चाह में परिवार के लोग ही कन्या को जन्म देने वाली मां के दुश्मन हो जाते हैं। इस प्रवृत्ति पर 'भक्तिन' पाठ के आधार पर टिप्पणी कीजिए।
(ख) डा. आंबेडकर के आदर्श समाज की कल्पना में 'भ्रातृता' का महत्त्व स्पष्ट कीजिए। 
(ग) “सर्वग्रासी काल की मार से बचते हुए वही दीर्घ जीवी हो सकता है जिसने - अपने व्यवहार में जड़ता के स्थान पर निरंतर गतिशीलता बनाए रखी है"'. 'शिरीष के फूल' के आधार पर प्रतिपादित कीजिए। 
(घ) 'नमक' कहानी में भारत-पाक की जनता के आरोपित भेदभावों के बीच प्यार का नमक घुला है। टिप्पणी कीजिए। 
(ड) 'निर्धन' साधनहीन और महामारीनस्त गांव में पहलवान की ढोलक मरने वालों को हौसला-हिम्मत देती थी' इस कथन के आलोक में गाँव की बेबसी का चित्रण कीजिए।
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