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CBSE: साल में दो बार होंगी 10वीं की बोर्ड परीक्षाएं, पहला चरण फरवरी-मार्च में; सीबीएसई ने जारी किए नए नियम

Tue, 25 Feb 2025 08:52 PM IST
आकाश कुमार एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

CBSE Board Exam Twice A Year: सीबीएसई बोर्ड ने कक्षा 10वीं के लिए साल में दो बार बोर्ड परीक्षाएं आयोजित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यह बदलाव 2026 से लागू होगा।
 
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2026 से सीबीएसई कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षाएं साल में दो बार आयोजित करेगा - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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CBSE: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने कक्षा 10वीं के छात्रों के लिए अपनी परीक्षा प्रणाली में एक बड़ा सुधार पेश किया है। बोर्ड के ताजा निर्णय के अनुसार, 2026 से सीबीएसई कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षाएं साल में दो बार आयोजित करेगा, जिससे छात्रों को अपना प्रदर्शन सुधारने का एक अतिरिक्त अवसर मिलेगा।

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दो चरणों में होगी परीक्षा, पहला चरण फरवरी-मार्च में

नए स्वीकृत मसौदा दिशा-निर्देशों के अनुसार, कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षाएं दो चरणों में आयोजित की जाएंगी। पहला चरण फरवरी और मार्च के बीच होगा, जबकि दूसरा चरण मई में निर्धारित किया जाएगा। दोनों परीक्षाओं में पूरा पाठ्यक्रम शामिल होगा, जिससे छात्रों के ज्ञान और कौशल का व्यापक मूल्यांकन सुनिश्चित होगा।

नई परीक्षा रूपरेखा विषयों को सात समूहों में वर्गीकृत करती है: भाषा 1, भाषा 2, ऐच्छिक 1, ऐच्छिक 2, ऐच्छिक 3, क्षेत्रीय और विदेशी भाषाएं तथा शेष विषय।

प्रैक्टिकल और आंतरिक मूल्यांकन साल में केवल एक बार

नए नियमों के अनुसार, बोर्ड परीक्षाएं साल में दो बार आयोजित की जाएंगी, जबकि प्रैक्टिकल और आंतरिक मूल्यांकन साल में केवल एक बार ही आयोजित किए जाएंगे। 

इस नए ढांचे का उद्देश्य छात्रों को अधिक लचीलापन प्रदान करना और एकल वार्षिक परीक्षा से जुड़े दबाव को कम करना है। छात्रों को दोनों सत्रों में उपस्थित होने और अपनी तैयारी के लिए सबसे उपयुक्त सत्र चुनने का अवसर मिलेगा।

मई की परीक्षा के बाद जारी होगी मार्कशीट

बोर्ड ने यह भी निर्णय लिया है कि फरवरी-मार्च में पहली परीक्षा पूरी होने के बाद कोई अलग प्रमाण पत्र जारी नहीं किया जाएगा। अधिकारी ने कहा कि अंतिम उत्तीर्ण प्रमाण पत्र और मार्कशीट मई की परीक्षा के बाद ही जारी की जाएगी। इस दस्तावेज में दोनों परीक्षा सत्रों में प्राप्त अंक (यदि उम्मीदवार दोनों में उपस्थित हुआ है) के साथ-साथ प्रत्येक विषय के लिए दो में से सर्वश्रेष्ठ अंक शामिल होंगे। 

9 तारीख तक जमा करें प्रतिक्रिया

आधिकारिक जानकारी के अनुसार, मसौदा मानदंड अब सार्वजनिक डोमेन में रखे जाएंगे और हितधारक 9 मार्च तक अपनी प्रतिक्रिया दे सकते हैं, जिसके बाद नीति को अंतिम रूप दिया जाएगा। मसौदा मानदंडों के अनुसार, परीक्षा का पहला चरण 17 फरवरी से 6 मार्च तक आयोजित किया जाएगा, जबकि दूसरा चरण 5 से 20 मई तक आयोजित किया जाएगा। 
  • पहला चरण - 17 फरवरी से 6 मार्च
  • दूसरा चरण - 5 से 20 मई
बोर्ड के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "दोनों परीक्षाएं पूर्ण पाठ्यक्रम पर आयोजित की जाएंगी और उम्मीदवारों को दोनों संस्करणों में एक ही परीक्षा केंद्र आवंटित किए जाएंगे। आवेदन दाखिल करने के समय दोनों परीक्षाओं के लिए परीक्षा शुल्क बढ़ाया जाएगा और एकत्र किया जाएगा।" 

अधिकारी ने कहा, "बोर्ड परीक्षाओं का पहला और दूसरा संस्करण पूरक परीक्षाओं के रूप में भी काम करेगा और किसी भी परिस्थिति में कोई विशेष परीक्षा आयोजित नहीं की जाएगी।" 

अधिकारी ने कहा, "एक बार एलओसी फाइनल हो जाने के बाद, उम्मीदवारों को अपने विषय बदलने की अनुमति नहीं होगी। हालांकि, विषय चयन में कुछ लचीलापन है। यदि कोई उम्मीदवार अपने विषय विकल्पों को संशोधित करना चाहता है, तो वह पहली परीक्षा (फरवरी-मार्च) में एक विषय छोड़ सकता है और दूसरी परीक्षा (मई) में एक अलग विषय चुन सकता है। हालांकि, यदि कोई उम्मीदवार पहली परीक्षा में सभी विषयों को पूरा करता है, तो उसे दूसरी परीक्षा में फिर से उपस्थित होने पर विषयों का एक ही सेट लेना होगा।" 
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वर्तमान में क्या है प्रणाली?

वर्तमान में, कक्षा 10वीं और 12वीं के लिए बोर्ड परीक्षाएं फरवरी और मार्च के बीच आयोजित की जाती हैं। कोविड-19 महामारी के दौरान, सीबीएसई ने एक बार के उपाय के रूप में बोर्ड परीक्षाओं को दो सत्रों में विभाजित किया था। हालांकि, बोर्ड अगले वर्ष पारंपरिक वर्ष के अंत में परीक्षा प्रारूप पर लौट आया।
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