यह परीक्षा राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (NIOS) आयोजित कर रहा है। दरअसल, मप्र राज्य मुक्त स्कूल शिक्षा परिषद (राज्य ओपन स्कूल) भोपाल द्वारा रुक जाना नहीं योजना लागू है। इसके तहत एमपी बोर्ड परीक्षा में फेल 10वीं, 12वीं के विद्यार्थियों को दोबारा परीक्षा में बैठने का अवसर दिया जाता है। इस साल से यह अवसर सीबीएसई के 10वीं, 12वीं में फेल विद्यार्थियों को भी दिया जा रहा है।
इसके तहत सीबीएसई या देश के अन्य किसी बोर्ड के फेल स्टूडेंट्स परीक्षा में शामिल हो सकते हैं। परीक्षार्थियों को सिर्फ तीन पेपर्स की परीक्षा देनी होगी। अन्य दो पेपर्स का क्रेडिट ट्रांसफर हो जाएगा। कुल 5 पेपर्स में सफल होने पर ही पास सर्टिफिकेशन दिया जाएगा। इनमें लैंग्वेज पेपर्स की संख्या अधिकतम दो होगी।
परीक्षा का नाम है 'ऑन डिमांड एग्जामिनेशन'। इसके लिए बीते 1 मई 2019 से ही ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन शुरू हुए। परीक्षा 1 जून 2019 को आयोजित होगी। एनआईओएस के अनुसार, 45 दिनों के अंदर नतीजे जारी कर दिए जाएंगे। ताकि बच्चों को आगे की पढ़ाई के लिए किसी संस्थान में दाखिला लेने में दिक्कत न हो।
प्रतियोगी परीक्षाएं देने वाले अभ्यर्थियों को मिलेगा फायदा
सीबीएसई स्कूलों के कक्षा 12वीं में गणित और विज्ञान विषय के कई छात्र-छात्राएं जेईई मेन्स जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी साल भर करते हैं और इस चक्कर में वे सीबीएसई परीक्षा में ध्यान नहीं दे पाते। इस कारण कई विद्यार्थी 12वीं में फेल हो जाते हैं। इस ऑन डिमांड परीक्षा से ऐसे विद्यार्थियों को सर्वाधिक फायदा मिलेगा।
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