मामले में अब तक 10 गिरफ्तारियां हो चुकीं
इस मामले में अब तक कुल 10 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। सोमवार को सीबीआई ने महाराष्ट्र के लातूर स्थित एक कोचिंग संस्थान के संचालक शिवराज मोटेगांवकर को गिरफ्तार किया था। एजेंसी के अनुसार, मोटेगांवकर ‘आरसीसी कोचिंग इंस्टीट्यूट’ के मालिक हैं, जहां मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट यूजी की तैयारी कराई जाती है।
सीबीआई की जांच में सामने आया है कि आरसीसी कोचिंग संस्थान की महाराष्ट्र में कुल नौ शाखाएं संचालित हो रही हैं और इसकी मुख्य शाखा लातूर में स्थित है। जांच एजेंसी को शक है कि मोटेगांवकर का संबंध केमिस्ट्री लेक्चरर पी.वी. कुलकर्णी से रहा है। कुलकर्णी का नाम पहले भी जांच में सामने आ चुका है और सीबीआई उनसे पहले भी पूछताछ कर चुकी है। बताया जा रहा है कि कुलकर्णी का संबंध नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) से भी रहा है।
केंद्र पर हमलावर विपक्ष
उधर, पेपर लीक विवाद को लेकर विपक्ष लगातार केंद्र सरकार पर हमलावर है। विपक्षी दल शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। साथ ही एनटीए को भंग करने की मांग भी तेज होती जा रही है।
शिक्षा मंत्री ने की पुनर्परीक्षा की व्यवस्थाओं की समीक्षा
इसी बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने मंगलवार को नीट यूजी री-एग्जाम की तैयारियों की समीक्षा बैठक की। यह दोबारा परीक्षा अब 21 जून को आयोजित की जाएगी। इससे पहले 3 मई को हुई परीक्षा को पेपर लीक विवाद के बाद 11 मई को रद्द कर दिया गया था।
बैठक के दौरान शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि पिछली परीक्षा में सामने आई सभी खामियों को पूरी तरह दूर किया जाए। उन्होंने कहा कि इस बार परीक्षा का आयोजन पूरी सुरक्षा, पारदर्शिता और बिना किसी गड़बड़ी के किया जाना चाहिए। फिलहाल सीबीआई पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है।