बिचौलिए ने उप परीक्षा नियंत्रक को रिश्वत दी थी
पुलिस ने बताया कि प्रारंभिक जांच से पता चला है कि उम्मीदवार के पिता ने 2021 में अपने बेटे के लिए मुख्य परीक्षा के प्रश्न पत्र की खरीद के लिए बिचौलिए से संपर्क किया था। उन्होंने कहा कि बिचौलिए ने उप परीक्षा नियंत्रक को रिश्वत दी थी और परीक्षा से पहले प्रश्न-पत्र अवैध रूप से खरीदे गए थे और उम्मीदवार को दिए गए थे। जांच के दौरान यह पाया गया कि सीलबंद प्रश्न-पत्र की नकल उप परीक्षा नियंत्रक ने की थी और बिचौलिए के माध्यम से अभ्यर्थी को भेज दी गई थी। इसके बाद उम्मीदवार ने प्राप्त प्रश्न पत्र के उत्तरों के लिए शिक्षक से साझा किया। शिक्षक ने एक अन्य छात्र को भी सवाल बताए थे।
43 लाख रुपये नकद में हुई थी डील
उसी छात्र ने परीक्षा के दो दिन बाद 29 अगस्त को पुलिस में कथित प्रश्न पत्र लीक होने की लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत मिलने पर प्रारंभिक जांच की गई और 10 सितंबर को रिपोर्ट एसपी कार्यालय को सौंपी गई। बाद में मामला दर्ज किया गया। जांच के दौरान यह पाया गया कि बिचौलिए को मुख्य परीक्षा के प्रश्न पत्र की खरीद के लिए 2021 में उम्मीदवार के पिता द्वारा 43 लाख रुपये नकद का भुगतान किया गया था। बिचौलिए ने परीक्षा उप नियंत्रक को 15 लाख रुपये दिए थे और बाकी अपने पास रख लिए थे। एसपी ने कहा कि दोनों ने संपत्ति में पैसा लगाया था।