दिल्ली विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (एसओएल) में च्वॉइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम (सीबीसीएस) लागू होने के बाद अब विद्यार्थियों को नए पाठ्यक्रम की पाठ्यसामग्री यूनिट के अनुसार दी जाएगी। शुरुआत में यूनिट-1 और यूनिट-2 को तैयार करके दिया जाएगा। यह ऑफलाइन व ऑनलाइन दोनों माध्यमों में तैयार होगी। वहीं, 25 अगस्त से नए पाठ्यक्रम (सीबीसीएस) के अनुसार वीडियो लेक्चर अपलोड करने शुरू कर दिए जाएंगे।
कैंपस ऑफ ओपन लर्निंग के चेयरमैन प्रो. सीएस दुबे ने बताया कि दाखिले शुरू होने के समय ही वेबसाइट पर यह जानकारी प्रदर्शित थी कि पाठ्यक्रम में बदलाव हो सकता है। अब बदलाव होते ही पाठ्यक्रम के अनुसार पाठ्यसामग्री बनाने की तैयारी शुरू कर दी गई है।
- पहले परीक्षाओं के समय परीक्षा फॉर्म भरवाया जाता था। लेकिन इस बार पहले ही भरवा लिया जाएगा और उसके अनुसार ही विद्यार्थियों को पाठ्यसामग्री देनी शुरू की जाएगी।
- अब एक साथ पूरी सामग्री न देकर उसे टुकड़ों में देंगे।
- पहले सेमेस्टर में तीन यूनिट हैं। लिहाजा पहली यूनिट व दूसरी यूनिट की पाठ्य सामग्री तैयार करके दी जाएगी। बाद में जैसे-जैसे सामग्री तैयार होगी, विद्यार्थियों को मिलेगी।
- इसके लिए वीडियो लेक्चर तैयार करवाने शुरू कर दिए गए हैं। 25 अगस्त से नए पाठ्यक्रम के अनुसार लेक्चर वेबसाइट पर अपलोड होने शुरू हो जाएंगे। जबकि एक सितंबर तक पाठ्यसामग्री को अपलोड करना शुरू कर देंगे।
- हमारा प्रयास है कि नया सिस्टम आने से विद्यार्थियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
- जिन विद्यार्थियों को दाखिला लेने के समय पाठ्यसामग्री दी जा चुकी है, वह भी 60-70 फीसदी उपयोगी है। उसे बेकार नहीं कहा जा सकता है।
1 लाख 18 हजार विद्यार्थी ले चुके हैं दाखिला
एसओएल में शैक्षणिक सत्र 2019-20 की दाखिला प्रक्रिया के तहत जून से अब तक करीब 1 लाख 18 हजार विद्यार्थी दाखिला ले चुके हैं। अब एसओएल में सीबीसीएस (सेमेस्टर सिस्टम) लागू किया गया है, तो विरोध में सवाल उठ रहे हैं कि नए पाठ्यक्रम के अनुसार पाठ्यसामग्री कैसे तैयारी होगी और कब मिलेगी।