रेफरेंस का महत्व
बहुत सी कंपनियां विज्ञापन को प्लेटफॉर्म पर साझा करने से पहले उसे अपनी ही कंपनी के कर्मचारियों के बौच साझा कर उनसे अच्छे उम्मीदवारों का रेफरेंस मांगती हैं। कई बार कंपनी रेफरेंस वाले उम्मीदवार का ही चयन कर लेती है और वैकेंसी की खबर कंपनी से बाहर आ ही नहीं पाती। ऐसे में, नेटवर्किंग ही काम आती है। इसलिए ज्ञान के साथ-साथ अपनी व्यक्तिगत ब्रांडिंग और रेफरेंस के लिए नेटवर्किंग पर ध्यान अवश्य दें।
ऑनलाइन और ऑफलाइन प्लेटफॉर्म
रेफरेंस के लिए नेटवर्किंग जरूरी है और नेटवर्किंग के लिए कॉन्क्लेव, संमिनार, कॉन्फ्रेंस आदि में शामिल होना। अपनी टारगेट ऑडियंस वाले स्थानों की पहचान करें। यदि आप अपने नेटवर्क को मजबूत करना चाहते हैं, तो उन जगहों का दौरा करें, जहां आपकी टारगेट ऑडियंस है। इसके अलावा, आप एडवरटाइजिंग से जुड़े एक्सचेंज फॉर मोडिया, शिक्षा के लिए वल्र्ड डिडेक और उद्योग से जुड़े इलेक्ट्रॉनिक्स फॉर यू मैगजीन के कॉन्फ्रेंस में भी शामिल हो सकते हैं।
अगर ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की बात करें, तो लिंक्डइन से बेहतर कोई विकल्प नहीं है। हालांकि, इंडीड और ग्लासडोर जैसे प्लेटफॉर्म भी हैं। इनके जरिये आप इंडस्ट्री और प्रोफाइल से जुड़े लोगों से संपर्क बना सकते हैं। बड़े पदों पर बैठे लोगों के अलावा अपने समकक्ष और मिडिल मैनेजमेंट के लोगों से भी जुड़ने का प्रयास करें।
प्रोफाइल से बनेगी इमेज
यदि आप अपनी व्यक्तिगत ब्रांडिंग को बेहतर बनाना चाहते हैं, तो आपको अपने गुणों को बेहतर तरीके से प्रस्तुत करना आना चाहिए। अपनी प्रोफाइल की हेडलाइन में अपने कौशल और काम का संक्षिप्त विवरण लिखकर आप ऐसा कर सकते हैं। प्रोफाइल को आकर्षक बनाने और एक अच्छा कंटेंट लिखने पर ध्यान दें।
कटेंट लिखें
शुरुआत में आप मीडियम डॉट कॉम पर उपलब्ध लेखों का सहारा लेकर कंटेंट लिख सकते हैं। इससे आपको अच्छा कंटेंट लिखने में मदद मिलेगी, जिससे पेशेवर आपकी प्रोफाइल से आसानी से जुड़ सकेंगे। इसके अलावा, प्रेजेंटेशन के लिए स्नाइडरापर डॉट नेट, सवालों को पूछने के लिए कोरा डॉट कॉम और ब्लॉगिंग व एसाईओं के लिए रेडिट जैसे प्लेटफॉर्म उपयोगी हैं।