एक समय में डॉक्टर, आईएस, आईपीएस, पीसीएस के साथ 12वीं के बाद बच्चों को इंजीनियर बनाना हर मां-बाप की उम्मीद हुआ करती थी। लेकिन आज के समय में अगर बच्चे को इंजीनियर की पढ़ाई कराई जाती है तो उसको कोर्स खत्म करने के बाद बढ़िया नौकरी मिले, इस बात की गारंटी नहीं है। देश भर में जितने इंजीनियर्स इस वक्त बेरोजगार हैं, उतने और किसी पेशे में फिलहाल नहीं है। विश्व की जानी मानी कंसलटिंग फर्म केपीएमजी, मैकेंजी और Aspiring Minds ने अपनी अलग-अलग रिपोर्ट में इस बात का जिक्र किया है।
ये हैं प्रमुख कारण
रिपोर्ट्स के मुताबिक, कई कंपनियों में ऑटोमेशन और नई तकनीकों के ज्यादा इस्तेमाल से अब बच्चों को इंजीनियरिंग की पढ़ाई कराना फायदे का सौदा नहीं रहा है। कंपनियां जहां पहले से मौजूद अपने कर्मचारियों को निकाल रही हैं। यह छंटनी केवल सॉफ्टवेयर (आईटी) ब्रांच मे ही नहीं, बल्कि सिविल, इलेक्ट्रोनिक्स और मेकेनिकल ब्रांच में भी देखने को मिल रही है।