रिजल्ट को लेकर कक्षा 12वीं के छात्रों की टेंशन बहुत बढ़ गई है, वहीं अभिभावक भी रिजल्ट को लेकर चिंतित हैं। बोर्ड परीक्षा को लेकर परीक्षार्थी खासा तनाव में रहते हैं। बोर्ड परीक्षा को आगे के कॅरियर से जोड़कर देखते हैं। ऐसे में रिजल्ट को लेकर तनाव होना लाजमी हैं। परिणाम को लेकर जितना विद्यार्थी परेशान हैं उससे कहीं ज्यादा अभिभावक चिंतित हैं, यही बच्चों के तनाव की असल वजह भी बनती है। अभिभावकों को समझना चाहिए कि ये बच्चे की परीक्षा का रिजल्ट है, उसके जीवन का नहीं।
अभिभावक बच्चों के रिजल्ट को लेकर उत्साहित हों, उत्तेजना न दिखाएं।अगर परिणाम अच्छा है तो शाबासी दें, अगर खराब हुआ है तो रिजल्ट को खुद स्वीकारें और बच्चे को स्वीकार करने के लिए प्रेरित करें। अगले साल और बेहतर करने का मनोबल बढ़ाएं। आजकल बच्चे हर चीज को भावनाओं पर ले लेते हैं। ऐसे में अभिभावक रिजल्ट को लेकर न खुद तनाव में रहें न उन्हें लेने दें। बच्चों को प्रेम से समझाएं।