जीवन में आगे बढ़ने के लिए सही समय पर, सही स्थान पर, सही चीज शुरू करनी होती है जरूरी : गुंजन तनेजा
Master Class Topic: Building Franchise Business, Guest Speaker: Gunjan Taneja, Co-Founder Head Of Marketing & Product, UClean
सफलता डॉट कॉम द्वारा बिल्डिंग फ्रेंचाइज बिजनेस विषय पर आयोजित किये गए मास्टर क्लास सेशन में इंडस्ट्री एक्सपर्ट, सह संस्थापक, मार्केटिंग एवं उत्पाद प्रमुख, यूक्लीन गुंजन तनेजा ने कंपनी की सक्सेस स्टोरी पर बात करते हुए कहा कि जब मैंने और अरुनाभ सिन्हा ने यूक्लीन बिजनेस की शुरूआत की, उस समय किसी ने इस तरह के बिजनेस के बारे में सोचा नहीं था। या किसी ने सोचा, तो उसने प्लान पर काम नहीं किया। तो जब यूक्लीन ब्रांड हमने शुरू किया, तब ये नहीं सोचा था कि यूएस जैसा कल्चर लेकर आएंगे। जहां लोग कपड़े के साथ लैंड्रोमेट में जाते हैं। देश में कई कॉलोनियां ऐसी हैं, जहां बॉलकनी में कपड़े सुखाने की मनाही है। साथ ही हाई राइज बिल्डिंग्स में बने अपार्टमेंट्स में रहने का कल्चर भी देश में बढ़ता जा रहा है। मुंबई, बेंगलुरू व गुरुग्राम जैसे शहरों में ऊंची बिल्डिंग्स और अपार्टमेंट में रहने का चलन पहले से है। हालांकि मेट्रो शहरों में दिल्ली एक ऐसा शहर है जहां आने वाले सालों में ऐसा होने वाला है। ऐसे में जो समस्याएं दिखीं, वो थीं कि कुछ लोग बहुत बिजी रहते हैं। लांड्री के लिए आज के समय में टाइम निकालना उनके लिए बहुत मुश्किल होता है। एक बिजनेस कंसल्टिंग की लाइफ में, कॉर्पोरेट सेक्टर में आपको अच्छे कपड़े पहनने होते हैं। मेरी मां ने हमेशा मेरे लिये वो सब मैनेज किया। 2015 में जब मेरी शादी हुई तब मुझे ये पता चला कि हर तरह के कपड़ों को मैनेज करना कितना टाइम टेकिंग है। तो एक तो ये कारण रहा, और आस - पास के जो धोबी हैं उन्हें नहीं पता कि किस कपड़े में, किस तरह का, डिटरजेंट इस्तेमाल करना है। या अलग - अलग दागों को कैसे क्लीन करना है।
वैसे भी एक-एक कपड़ा धोना आसान नहीं है, आज के समय में ड्राइ क्लीनिंग बहुत महंगा है। तो हम बल्क लॉटरिंग का कॉसेप्ट लेकर आये जहां किलो के हिसाब से कपड़े लिये जाते हैं। सस्ता होने के कारण लोग इसे पसंद कर रहे हैं। साथ ही हमने इसका नाम भी यू क्लीन रखा, कि आप आइये और लैंड्रोमेट यूज करिये, अपने कपड़े क्लीन करिये। हमने सस्टेनेबिलिटी भी बढ़ाई यानी अगर आप अपने कपड़े बेहतर तरीके से साफ करते हैं तो कपड़े भी लंबे समय तक चलते हैं। हमने पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए ग्रीन डिजटरजेंट का इस्तेमाल करने की तैयारी की। क्योंकि घाट पर धुलने वाले कपड़ों में इस्तेमाल हो रहा डिटरजेंट वहां की वाटर बॉडीज के लिये ठीक नहीं है। तो ऐसी कई समस्याओं को हमारा ब्रांड यूक्लीन सॉल्व करता है।
ये भी सीखें
मास्टर सर्टिफिकेशन इन डिजिटल मार्केटिंग प्रोग्राम
प्रोफेशनल सर्टिफिकेशन इन डिजिटल मार्केटिंग प्रोग्राम
बीते 7 सालों में यूक्लीन को 100 शहरों तक पहुंचाने, 350 से ज्यादा स्टोर खोलने और 200 से ज्यादा फ्रेंचाइजी खोलने के बाद आने वाले 7 सालों में यूक्लीन को कहां देखती हैं सवाल के जवाब में गुंजन तनेजा ने कहा कि हमने अभी फाउंडेशन बनाया है। बिल्डिंग तो अभी बनानी बाकी है। उन्होंने कहा कि भारत में रीटेल लैंड्रोमैट इंडस्ट्री में 25 हजार लैंड्रोमेट हैं। इसलिये सिर्फ भारत में ही हमारे लिये स्कोप बहुत बड़ा है। उन्होंने 2005-06 का उदाहरण देते हुए कहा कि तब लोगों के ड्रॉर मैन्यू कॉर्ड से भरे होते थे। आसपास के सब रेस्त्रां, शॉप्स जो डिलीवरी कर रहे हैं वो एक कार्ड देकर जाते थे। जब कभी आपका खाने का मन हो तो आप तब मैन्यू कार्ड निकाल कर अलग अलग रेस्त्रां में फोन करते थे कि लेकिन कई जगह अलग अलग कारणों से मना कर देते थे। तो इस समस्या को जोमैटो ने आकर खत्म किया। इसी तरह हमने बहुत छोटे स्पेस में 200 से 300 स्कॉयर फीट में लाइव लैंड्रोमैट खोले हैं। जोकि खोलना आसान नहीं था। क्योंकि पहले लैंड्रोमेट के उपकरण बहुत बड़े हुआ करते थे। साथ ही हम शू क्लीनिंग भी लेकर आये।
उन्होंने पहले स्टोर की कहानी बताते हुए कहा कि वसंत कुंज की मार्केट में हमने जनवरी 2017 में पहला स्टोर खोला। लेकिन फरवरी में स्टोर में आग लग गई। स्टोर जल के खाक हो गया। वहां पर हमारे पास दो विकल्प थे। दो ही तरीके थे कि या तो हिम्मत हार जाएं या फिर जो 20 लाख रुपये उसमें लगाए हैं उसे सेव करने के लिये प्रयास करें। फिर हमने मशीन की कंपनी को मेल किया। जहां से हमें सपोर्ट मिला और वहां से काम चल निकला और परिणाम आपके सामने है।
युवाओं को उन्होंने असमंजस की स्थिति से निकलने के लिये तरीका बताते हुए कहा कि लाइफ में दो चीजें होती हैं एक जिस पर आपका वश है आप उसे अपने नियंत्रण में रख सकते हैं। और दूसरी वो जो आपके नियंत्रण से बाहर है, ऐसी स्थिति में जो बचा है उसको संभालना बेहतर विकल्प है। उसे आगे और खराब नहीं होने देना है।
डिजिटल स्किल पर गुंजन तनेजा ने कहा कि डिजिटल मार्केटिंग का अनुभव इसलिये जरूरी है क्योंकि वहां आप किसी का पैसा लगा रहे हैं। सिर्फ डिजिटल स्किल सीखना काफी नहीं है आपको रिजल्ट ओरिएंटेड बनना होगा। क्योंकि जिस कंपनी में आप जाएंगे वो रिजल्ट के लिए आप पर पैसा लगाएगी। आप जो भी लांग टर्म रिटर्न्स आप तय करते हैं उनको डिलीवर करना जरूरी होता है। डिजिटल मार्केटिंग एक ऐसा एरिया है जहां आपको अपना पोर्टफोलियो बिल्ट करना बहुत जरूरी है।
पोर्टफोलियो बिल्ट करने के बाद कोई नंबर आपकी स्किल को डिफाइन नहीं कर सकता। आपको अपनी क्रिएटिबिलिटी प्रूव करना बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि मार्केट में जब आप एक समस्या खत्म करने के लिए किसी बिजनेस की शुरूआत करेंगे तो बहुत सारे प्लेयर्स मार्केट में आएंगे। लेकिन आपको कॉपी करके आने वाले लोग कितना दिन मार्केट में रहेंगे ये तय नही है। जैसै ओला उबर टैक्सी जब आयी तो बहुत सारी कंपनियां आयीं और इस क्षेत्र में सर्विस शुरू कर दी लेकिन आज ओला उबर की टैक्सी सर्विस के दो बड़े ब्रांड बचे हुए हैं।
बिजनेस में एक ओवरआल विजन होना चाहिए। अगर आप पहले दिन से ये सोच के चलो कि ऐसा करेंगे, वैसा करेंगे तो सारे मू्व्स विजन के मुताबिक नहीं प्लान होते हैं। कई बार आपका भाग्य साथ नहीं देता कई बार चीजें अलग तरह से होती हैं। मैं ये मानती हूं कि कठिन परिश्रम और लक्षित प्रयास के साथ- साथ आपका भाग्य बहुत महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है। क्योंकि जीवन में आगे बढ़ने के लिए आपको सही समय पर, सही स्थान पर, सही चीज को शुरू करना होता है। जब आप अपना बिजनेस बनाते हैं तो आपको ये जरूर सोचना चाहिए कि आप क्या प्रॉब्लम सोल्व करने वाले हैं। बिजनेस शुरू करने पर उन्होंने बोला कि आप कमरे में बैठ कर विचार करके बिजनेस शुरू नहीं कर सकते आपको इसके लिए ग्राउंड में जाना पड़ेगा। अगर किसी क्षेत्र में आप बिजनेस शुरू करना चाहते हैं तो उसे पहले किसी के अंडर में जाकर सीख लें। अपने पैसे पर रिस्क लेने से बेहतर है किसी और के पैसे पर रिस्क लें। जैसे आज किसी को लांड्री बिजनेस खोलना है तो मैं सलाह देती हूं कि उसे पहले इसे सीखना होगा जिसके लिए वो यूक्लीन को कर्मचारी के रूप में ज्वाइन करके सीख सकता है। या फिर आप यूक्लीन की फ्रेंचाइजी लेकर देख लें।
उन्होंने कहा कि अगर आपके पास 10 लाख रुपये हैं तो 2 लाख रुपये ही बिजनेस में लगाकर देखना चाहिए। ताकि आपके पास 8 लाख रुपये सेविंग्स रहे। ताकि बिजनेस में घाटा पढ़ने पर आप उन 8 लाख के सहारे फिर से शुरू कर सकें। उन्होंने कहा कि अपना घर गिरवी रखके, जमीन बेचकर, गहने बेचकर बिजनेस नहीं करना चाहिए। उन्होंने युवाओं को वित्तीय अनुशासन सीखने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आप बिजनेस में हैं या जॉब में है वित्तीय रूप से शिक्षित जरूर बनें। आज के समय में कोई भी डिग्री कर लें लेकिन आपको ये सीखना पड़ेगा कि फाइनांस को कैसे मैनेज करें।
ब्रांड बिल्डिंग पर उन्होंने कहा कि इसके लिए ब्रांड क्रिएशन बहुत महत्वपूर्ण है। आपके ब्रांड की पहचान होनी बहुत जरूरी है। आपकी जो यूएसपी हैं उन्हें आप अपने लक्षित ग्राहकों को समझाने में कामयाब रहें। लक्षित ग्राहक तय करने के बाद आप एसईओ पर काम कर सकते हैं। इस पर आपको पहले दिन से काम करना है। अपने ब्रांड के बारे में बेसिक 5-6 वीडियो बनाना बहुत जरूरी है जो लक्षित ग्राहकों तक आपकी ब्रांड स्टोरी, यूएसपी, प्रोडक्ट आदि के बारे में बताएं। इसके बाद आप पेड मार्केटिंग पर जा सकते हैं।
उन्होंने युवाओं को कहा कि सभी यंग माइंड्स हैं जो सोशल मीडिया पर पढ़ते और देखते हैं हमें लगता है कि यही सही चीज है जिसे मुझे करना चाहिए। लेकिन कॅरिअर की जब बात आती है तो कोई चीज गलत या सही नहीं होती। पहले जॉब करके फिर बिजनेस करना कोई फॉर्मूला नहीं है और ये भी फॉर्मूला नहीं है कि पहले बिजनेस करो फिर जॉब करो। जो आपको सही लगे वो करें।