आज के समय में हर उत्पाद को मार्केट में आने से पहले पैकेजिंग की जरूरत होती है ताकि उत्पाद के बारे में, प्राइज, एक्सपाइरी डेट, मैन्युफैक्चर्ड डेट आदि को आदमी देख सके। इसलिए पैकेजिंग इंडस्ट्री में स्किल्ड युवाओं की भारी डिमांड है। उत्पादों की इस पैकेजिंग के लिए पहले डिजाइन सैंपल तैयार किए जाते हैं। पैकेज डिजाइनर ये डिजाइन सैंपल तैयार करते हैं। ये पैकेज डिजाइन ही आपको उत्पाद की उपरी- बाहरी पैकेजिंग में इस्तेमाल किया जाता है। ये डिजाइन फोटो और शब्दों के मिश्रण से इस तरह तैयार किये जाते हैं ताकि लोगों को आकर्षित कर सकें। ग्राफिक डिजाइन इंडस्ट्री का लगातार उभार हो रहा है मौजूदा समय में ये 160 बिलियन डॉलर का मार्केट बन चुकी है। अगर आप भी बेरोजगार हैं और पैकेज डिजाइनिंग में अपना करिअर बनाने की सोच रहे हैं तो सफलता के ग्राफिक डिजाइन कोर्स की मदद से ऐसा कर सकते हैं।
पैकेज डिजाइनर उत्पादों के लिए एकत्रित और आकर्षक पैकेज या अंदरूनी डिस्प्ले का निर्माण करते हैं। उनका काम उत्पाद के रूप, ब्रांडिंग और बाजार के लक्ष्यों के अनुसार उपयुक्त पैकेज डिजाइन बनाना होता है। वे उत्पाद के पैकेजिंग के साथ साथ विभिन्न विज्ञापन या मार्केटिंग के उपकरणों के लिए भी डिजाइन करते हैं। उन्हें कंपनी के लोगो और ब्रांड इमेज को उभारने के लिए उपयोगी पैकेज डिजाइन करना होता है। इसमें उन्हें उत्पाद की स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में स्थान बनाने में मदद मिलती है।
पैकेज डिजाइनर के लिए उम्मीदवार को किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन डिग्री या संबंधित क्षेत्र में डिप्लोमा होना चाहिए। सफलता से ग्राफिक डिजाइन कोर्स करने के लिए उम्मीदवार की आयु 18 वर्ष से अधिक होनी चाहिए। कोर्स के दौरान युवाओं को सफलता की अनुभवी फैकल्टी द्वारा Adobe Illustrator, Photoshop, InDesign, CorelDRAW आदि जैसे टूल्स की जानकारी दी जाएगी।
पैकेज डिजाइनर का वेतन उनके अनुभव के आधार पर तय किया जाता है। फ्रीलांस काम करने पर युवा कंपनी के उत्पाद, कैटलॉग के अनुसार अपना मेहनताना लेते हैं। ग्राफिक डिजाइन क्षेत्र में अपनी पहली नौकरी शुरू कर रहे युवा को 2 से 3 लाख रुपये का पैकेज मिलता है। अनुभव के साथ पैकेज डिजाइनर का पैकेज 5 लाख रुपये प्रति वर्ष तक पहुंच जाता है।
उत्पाद के पैकेजिंग के विभिन्न विवरणों को अनुकूलित करना।
क्रिएटिविटी और डिजाइन के प्रति रुचि
पैकेज डिजाइनर का काम कार्यालय में या डिजाइन स्टूडियो में होता है। वे अपने कंप्यूटर पर काम करते हैं और उन्हें डिजाइन करने के लिए विभिन्न सॉफ्टवेयर का उपयोग करना पड़ता है। उन्हें अक्सर अन्य डिजाइनरों, मार्केटिंग टीम और क्लाइंटों के साथ संचार करना पड़ता है। उन्हें कई बार दबाव और निर्णय लेने की जरूरत होती है, ताकि वे उनकी उम्मीदों और बजट के अनुरूप उत्पाद के लिए अनुप्रयोग तैयार कर सकें।
अगर आप भी ग्रेजुएशन कर चुके हैं लेकिन अपने करिअर को लेकर तमाम तरह की चिंताओं से घिरे हैं तो अब आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है। देश की जानी-मानी एडटेक कंपनी सफलता ने युवाओं की मदद के लिए कई प्रोफेशनल और स्किल ओरिएंटेड शॉर्ट और लॉन्ग टर्म कोर्सेज की शुरुआत की है जहां से आप घर बैठे खुद को एक किसी फील्ड का प्रोफेशनल बना सकते हैं। यहां डिजिटल मार्केटिंग के अलावा भी कई कोर्स मौजूद हैं। इतना ही नहीं सरकारी नौकरी का सपना देख रहे युवाओं के लिए भी सफलता पर लगभग सभी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए कोर्सेज हैं। यहां से पढ़कर सैकड़ों युवाओं ने सरकारी और प्राइवेट सेक्टर में शानदार नौकरियां हासिल की हैं। अगर आप भी प्राइवेट या सरकारी नौकरी की तलाश में हैं तो आप एक बार सफलता डॉट कॉम पर विजिट करिए और अपनी पसंद के मुताबिक कोर्स में एडमिशन लीजिए जिसके बाद सफलता की फैकल्टी ना केवल आपको प्रोफेशनल बनने के लिए तैयार करेगी बल्कि वो आपका सही करिअर चुनने में मार्गदर्शन भी करेगी। आप अपने फोन में safalta app डाउनलोड कर भी इन कोर्सेज से जुड़ सकते हैं।