पिछले काफी लंबे वक्त से चल रहा NEET परीक्षा मामला शांत होने का नाम नहीं ले रहा। सुप्रीम कोर्ट ने गुरूवार को केंद्र को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि 2018-19 सत्र में नीट परीक्षा में उर्दू को एक भी एक भाषा के रूप में शामिल किया जाए।
नीट 2017-18 सत्र के लिए छात्रों ने सुप्रीम कोर्ट में उर्दू को एक भाषा के रूप में लेने के लिए अर्जी दी थी लेकिन 2017-18 सत्र में इसे शामिल नहीं किया जा सका था। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने गुरूवार को केंद्र को ये निर्देश जारी करते हुए कहा कि 2018-19 सत्र के लिए ली जाने वाली दाखिला परीक्षा में उर्दू को भी एक भाषा के रूप में इन्कलुड किया जाए।
इससे पहले मार्च में एक पीटिशन पर सुनवाई करते हुए उच्चतम न्यायालय ने 25 वर्ष से ऊपर के उम्मीदवारों को भी परीक्षा में बैठने की अनुमति दे दी थी।
आपको बता दें कि मेडिकल काउंसिल एक्ट-1956 और डेंटिस्ट एक्ट-1948 के मुताबिक, जिनमें 2016 में कुछ संसोधन किए गए देशभर के कॉलेजों में MBBS और BDS कोर्स में दाखिले के लिए NEET-2017 परीक्षा सीबीएसई द्वारा आयोजित की जाएगी।