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हाईस्कूल, इंटरमीडिएट में भी परीक्षार्थी घटना तय

Sun, 08 Oct 2017 01:33 PM IST
amarujala.com- presented by: आनंद
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प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद यूपी बोर्ड के विद्यालयों में जैसे नौंवी और 11वीं में पंजीकरण कराने वाले छात्र-छात्राओं की संख्या में कमी हुई है, वैसे  माना जा रहा है कि वर्ष 2018 की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा में भी विद्यार्थियों की संख्या में गिरावट होगी। ऐसा इसलिए कि नकल के लिए बदनाम यूपी बोर्ड की परीक्षा को इस बार पूरी तरह नकलविहीन कराने की तैयारी की जा रही है।
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इसी वजह से परीक्षा केंद्रों का निर्धारण ऑनलाइन किया जा रहा है। साथ ही विद्यालयों में सीसीटीवी कैमरा अनिवार्य किया गया है। इसके जरिए ऑनलाइन निगरानी की योजना है। इतनी सख्ती की वजह से सेटिंग से नकल कराने वाले विद्यालय पंजीकरण में रुचि कम ले रहे हैं।

वर्ष 2019 की परीक्षा के लिए इन दिनों नौंवी और 11वीं के विद्यार्थियों का पंजीकरण चल रहा है। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार करीब 13 लाख कम विद्यार्थियों ने पंजीकरण कराया, जिसकी वजह से पंजीकरण की तिथि बढ़ाई गई। बोर्ड सूत्रों के मुताबिक जिन 893 विद्यालयों से अब तक एक भी पंजीकरण नहीं हुआ, उनमें से ज्यादातर वित्तविहीन हैं और सेटिंग से ठेका लेकर नकल कराने के लिए बदनाम हैं। वर्ष 2018 की परीक्षा में सख्ती की घोषणा होने के बाद इन विद्यालयों के प्रबंधन घबराए हुए हैं, क्योंकि इस बार पूरी व्यवस्था ऑनलाइन होने के कारण सेटिंग गड़बड़ा रही है।
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ऐसी ही स्थिति का अनुमान वर्ष 2018 में होने वाली हाईस्कूल और इंटर की परीक्षा में भी लगाया जा रहा है। इसके लिए इन दिनों विद्यार्थियों के पंजीकरण की प्रक्रिया चल रहा है। कई जिलों में पिछले दिनों बाढ़ के कारण 10वीं, 12वीं में पंजीकरण की तिथि बढ़ा दी गई है, जो 20 अक्तूबर को पूरी होगी। 

वर्ष 2017 की हाईस्कूल परीक्षा में संस्थागत एवं व्यक्तिगत कुल 29 लाख 98 हजार 492 तथा इंटरमीडिएट में 25 लाख 22 हजार 17 छात्र-छात्राएं शामिल हुए थे। प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद जिस तरह वर्ष 2019 की परीक्षा के लिए हो रहे कक्षा नौ और 11 के पंजीकरण में विद्यार्थियों की संख्या में काफी कमी आई है, यूपी बोर्ड के अफसर वर्ष 2018 की दोनों परीक्षाओं में भी परीक्षार्थियों की संख्या पांच लाख तक कम होने की आशंका जाता रहे हैं। हालांकि बोर्ड के उच्चाधिकारी अभी इस बारे में कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं।
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