Master Class On Technology Startups And Its Need In India. Guest Speaker - Dr. Anasuya Roy CEO, Nanosafe Solutions.
सफलता डॉट कॉम द्वारा टेक्नोलॉजी स्टार्टअप्स एंड इट्स नीड इन इंडिया विषय पर आयोजित किये गए मास्टर क्लास सेशन में नैनोसेफ सॉल्यूशन्स की सीईओ डॉ. अनसुइया रॉय ने कहा कि कोई भी स्टार्टअप शुरू करने से पहले आपको ये पता होना चाहिए कि आपका प्रोडक्ट क्या है और कौन से मार्केट में जाएगा। यानी आप जो भी उत्पाद तैयार करेंगे वो किस श्रेणी के लोगों को जाएगा। उन्होंने कहा कि उत्पाद ऐसे भी हो सकते हैं जो शहरी क्षेत्रों के लिये बनाए जाएं या फिर ग्रामीण क्षेत्रों के लिए बनाए जाएं। कई उत्पाद ऐसे हैं जो युवाओं के लिए बनते हैं और कई उत्पाद वरिष्ठ नागरिकों के लिए बनते हैं यानी आपको ये पहले समझना होगा कि आप किस आयु वर्ग, किस भौगोलिक क्षेत्र के लिए अपना उत्पाद लेकर आ रहे हैं। दूसरी बात उन्होंने कही कि किसी भी उत्पाद को लांच करने से पहले उसकी कॉस्ट क्या रखेंगे ये जरूर तय कर लें। क्योंकि अगर आपका उत्पाद बाजार में आ रहे अन्य उत्पादों से महंगा है तो उसके चलने की संभावना कम होगी। उत्पाद संबंधी रिसर्च के खत्म हो जाने के बाद आपको मार्केट रिसर्च करनी होगी। अपने उत्पाद के बारे में आप लोगों से फीडबैक जरूर लें। ताकि आपको ये पता चले कि आपके उत्पाद में क्या बदल देने से उसकी क्वालिटी बढ़ सकती है।
पेटेंट के बाद स्टार्टअप को फंडिंग कैसे मिले सवाल पर कहा कि भारत के पेटेंट को यूएस के पेटेंट की तुलना में कम वैल्यु मिलती है। उन्होंने एक उदाहरण के अनुसार समझाया कि अगर किसी ने इलेक्ट्रिक बैटरी चार्ज करने का चार्जर भारत में बनाकर पेटेंट ले लिया तो बिना फंडिंग के उसकी कई कॉपी बनाना और टेस्टिंग करना बहुत कठिन होता है। अब इलेट्रिक वेहिकल से संबंधित उत्पाद के लिए आपको टाटा मोटर, एमजी के साथ करार करना होगा। उन्होंने कहा कि मान लो किसी ने दिल और फेफ़ड़ों की क्षमता बढ़ाने का उत्पाद बनाया।
उन्होंने भारत में नवाचार और नए टेक्नोलॉजी की जरूरत पर कहा कि भारत अभी भी कई टेक्नोलॉजी को विदेशों से आयात कर रहा है। लेकिन ऐसी टेक्नोलॉजी की भारत में कोई कमी नहीं है न ही यहां के युवा कम क्षमतावान हैं बस कमी है तो उद्यमिता स्पिरिट की। उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि युवा अपनी जॉब के साथ भी किसी स्टार्टअप को धीरे धीरे शुरू कर सकते हैं और बाद में पूरा ध्यान स्टार्टअप पर लगा सकते हैं। उन्होंने कहा कि स्टार्टअप इकोसिस्टम में फिनलैंड, डेनमार्क, कोरिया, जापान बहुत आगे हैं वह अपना मार्केट भारत को मानते हैं। यही मानसिकता भारतीयों को बदलती है इसके लिए विश्व स्तरीय गुणवत्ता वाले उत्पादों का भारत में निर्मित होना बहुत जरूरी है। अगर ऐसा हो जाता है तो पूरा परिदृश्य बदल जाएगा।
फ्रूगल टेक्नोलॉजी पर उन्होंने कहा कि किसी भी स्टार्टअप को शुरू करने के लिए उसकी लागत सबसे अहम हिस्सा होती है। फ्रूगल टेक्नोलॉजी से आप कम लागत में अपना स्टार्टअप शुरू कर सकते हैं। उन्होंने इसके लिए कमर्शियल फ्रिज की लागत और गांवों में मिट्टी से बने देशी फ्रिज की लागत का उदाहरण देकर कहा कि ग्रामीण भारत के बहुत से लोगों के लिए आज भी एक फ्रिज खरीद पाना मुश्किल है वह मिट्टी से बनाए गए देशी फ्रिज का इस्तेमाल कर रहे हैं जोकि न सिर्फ सस्ता है बल्कि उसमें बिजली का भी कोई खर्चा नहीं।
देश की जानी - मानी ऐडटेक कंपनी सफलता ने युवाओं की मदद के लिए कई प्रोफेशनल और स्किल ओरिएंटेड शॉर्ट और लॉन्ग टर्म कोर्सेज की शुरुआत की है जहां से आप घर बैठे खुद को एक किसी फील्ड का प्रोफेशनल बना सकते हैं। यहां डिजिटल मार्केटिंग के अलावा भी कई कोर्स मौजूद हैं। इतना ही नहीं सरकारी नौकरी का सपना देख रहे युवाओं के लिए भी सफलता पर लगभग सभी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए कोर्सेज हैं। यहां से पढ़कर सैकड़ों युवाओं ने सरकारी और प्राइवेट सेक्टर में शानदार नौकरियां हासिल की हैं तो फिर देर किस बात की आज ही सफलता से जुड़ें और अपना शानदार कॅरियर बनाएं। आप अपने फोन में Safalta App डाउनलोड करके भी इन कोर्सेज से जुड़ सकते हैं।