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Jitendra Singh: 11 साल में 20 लाख पदोन्नतियां हुईं मंजूर, सरकार का 2014 से अब तक 10.96 लाख नोकरी देने का दावा

Sat, 24 Jan 2026 07:05 PM IST
आकाश कुमार एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

Jitendra Singh: केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में रिकॉर्ड सरकारी भर्तियां हुईं और 20 लाख से अधिक लंबित पदोन्नतियां मंजूर की गईं। रोजगार मेला से भर्ती तेज, पारदर्शी और समावेशी बनी है।
 
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केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह - फोटो : ANI (फाइल फोटो)
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विस्तार
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Jitendra Singh: केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने शनिवार को कहा कि केंद्र सरकार की नौकरियों के लिए रिकॉर्ड संख्या में नियुक्ति पत्र जारी किए गए हैं। इसके साथ ही पिछले 11 वर्षों में 20 लाख से अधिक लंबित पदोन्नतियों को भी मंजूरी दी गई है।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित रोजगार मेला कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जितेंद्र सिंह ने कहा कि सरकारी भर्तियों को उम्मीदवारों के लिए आसान और पारदर्शी बनाने के लिए कई बड़े सुधार किए गए हैं।

नियुक्तियों में हुई बढ़ोतरी

कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने बताया कि केंद्र सरकार की तीन प्रमुख भर्ती एजेंसियों संघ लोक सेवा आयोग (UPSC), कर्मचारी चयन आयोग (SSC) और रेलवे भर्ती बोर्ड के माध्यम से नियुक्तियों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है।

2014 से अब तक 10.96 लाख भर्तियों का दावा

उन्होंने कहा कि वर्ष 2004 से 2014 के बीच इन तीनों एजेंसियों ने मिलकर कुल 7.22 लाख नियुक्तियां की थीं। लेकिन 2014 के बाद यह संख्या डेढ़ गुना बढ़कर 10.96 लाख हो गई है।

आरक्षित वर्गों से जुड़ी बैकलॉग रिक्तियों का जिक्र करते हुए मंत्री ने कहा कि पहले जहां केवल 1.08 लाख नियुक्तियां हुई थीं, वहीं पिछले 11 वर्षों में यह संख्या लगभग चार गुना बढ़कर 4.79 लाख हो गई है। उन्होंने कहा कि इन उपायों से सरकारी भर्तियों में देरी और असमानता की समस्याओं को दूर करने में मदद मिली है।

11 वर्षों में 20 लाख से अधिक लंबित पदोन्नतियां मंजूर

जितेंद्र सिंह ने बताया कि पिछले 11 वर्षों में 20 लाख से अधिक लंबित पदोन्नतियों को मंजूरी दी गई है। इससे वह स्थिति समाप्त हुई है, जिसमें कई सरकारी कर्मचारी उसी पद से सेवानिवृत्त हो जाते थे, जिस पद पर उनकी नियुक्ति हुई थी।

उन्होंने कहा कि पदोन्नतियों की मंजूरी से सरकार के मानव संसाधन प्रबंधन में बड़ा बदलाव आया है। इसके साथ ही तेज भर्ती प्रक्रिया और अधिक पारदर्शिता भी सुनिश्चित हुई है, जिससे करियर में आगे बढ़ने से जुड़ी पुरानी समस्याओं का समाधान हुआ है।

61,000 से अधिक को सौंपा नियुक्ति

रोजगार मेले के 18वें संस्करण में एक बटन दबाकर देशभर में 61,000 से अधिक नियुक्ति पत्र जारी किए गए। इनमें से 49,225 नियुक्तियां गृह मंत्रालय और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों से संबंधित हैं, एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई।

महिलाओं की बढ़ती भागीदारी

महिला कांस्टेबलों की बढ़ती भागीदारी पर बात करते हुए मंत्री ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में किए गए नीतिगत बदलावों से सुरक्षा बलों में महिलाओं की संख्या बढ़ी है। उन्होंने बताया कि अब सीमा सुरक्षा बल में महिलाओं को सीमा की जीरो लाइन तक तैनात किया जा रहा है। साथ ही 26 जनवरी को होने वाली गणतंत्र दिवस परेड में पहली बार एक महिला सहायक कमांडेंट, पूरी तरह पुरुषों की सीआरपीएफ टुकड़ी का नेतृत्व करेंगी।

जितेंद्र सिंह ने कहा कि रोजगार मेला की परिकल्पना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 22 अक्तूबर 2023 को की थी। इसका उद्देश्य सरकारी भर्तियों की प्रक्रिया को तेज, प्रभावी और निष्पक्ष बनाना है।

भर्ती सुधारों पर भी की बात

भर्ती सुधारों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि एसएससी ने एक नया डिजिटल पोर्टल शुरू किया है, जिससे उम्मीदवार अपनी पसंद के परीक्षा केंद्र और तारीख चुन सकते हैं, उत्तर कुंजी देख सकते हैं और ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकते हैं।

यूपीएससी ने आधार और डिजिलॉकर से जुड़ा एकीकृत वन-टाइम रजिस्ट्रेशन सिस्टम शुरू किया है। दिव्यांग उम्मीदवारों को देशभर में अपनी पसंद के परीक्षा केंद्र की गारंटी भी दी गई है।

मंत्री ने ‘प्रतिभा सेतु’ पहल का भी जिक्र किया, जिसके तहत अंतिम परीक्षा पास करने वाले लेकिन नियुक्ति न पाने वाले उम्मीदवारों को उनकी योग्यता के अनुसार अन्य रोजगार अवसरों से जोड़ा जाता है।

उन्होंने कहा कि रोजगार मेला की सफलता से कई राज्य सरकारें भी इसी तरह की पहल शुरू कर रही हैं। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि सरकारी नौकरियां रोजगार नीति का केवल एक हिस्सा हैं।

अनुसूचित जनजाति (एसटी) वर्ग की भागीदारी पर बात करते हुए मंत्री ने कहा कि इस रोजगार मेले में लगभग 14.6 प्रतिशत नियुक्तियां एसटी वर्ग से हुई हैं, जो निर्धारित आरक्षण से लगभग दोगुनी है। यह आदिवासी समुदाय को प्राथमिकता देने का संकेत है।

उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियां विकसित भारत के लक्ष्य को ध्यान में रखकर बनाई जा रही हैं। आज नियुक्ति पत्र पाने वाले युवा वर्ष 2047 में, जब भारत आजादी के 100 साल पूरे करेगा, अपने करियर के शिखर पर होंगे और देश के विकास में अहम भूमिका निभाएंगे।
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स्टार्टअप इंडिया से पैदा हुईं  21 लाख से ज्यादा नौकरियां: मंत्री

रोजगार सृजन से जुड़ी योजनाओं की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए मंत्री ने कहा कि स्टार्टअप इंडिया के तहत 2.08 लाख से अधिक स्टार्टअप शुरू हुए हैं, जिससे 21 लाख से ज्यादा नौकरियां पैदा हुई हैं।

प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि योजना से 70 लाख से अधिक रेहड़ी-पटरी वालों को लाभ मिला है। वहीं प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत पारंपरिक कौशल से जुड़े 2.72 करोड़ से अधिक लोगों ने पंजीकरण कराकर अपनी आजीविका बढ़ाने की दिशा में कदम उठाया है।
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