पढ़ाई के साथ-साथ वोकेशनल और फिजिकल एजुकेशन की क्लासेस भी काफी अहम होती हैं। फिजिकल एजुकेशन को बढ़ावा देने के लिए महाराष्ट्र शिक्षा विभाग ने एक बड़ा कदम उठाया है। विभाग ने फैसला लिया है कि फिजिकल एजुकेशन की क्लास कम से कम 1 घंटे की होनी चाहिए।
हिंदूस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक महाराष्ट्र के स्कूलों में एक्सट्रा करिकुलर सब्जेक्ट जैसे फिजिकल एजुकेशन और आर्ट्स (ड्रॉइंग) की क्लास का समय 1 घंटे कर दिया जाएगा ताकि हर छात्र अपनी क्रिएटिविटी को ज्यादा से ज्यादा निखार सके।