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Meghalaya Student: कक्षा 9वीं के छात्र ने बनाया गैस रिसाव रोकने वाला स्मार्ट डिवाइस, जूरी पुरस्कार से सम्मानित

Sun, 15 Feb 2026 04:24 PM IST
शाहीन परवीन एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

Meghalaya: मेघालय के कक्षा 9वीं के छात्र ने गैस रिसाव रोकने वाला स्मार्ट डिवाइस विकसित किया और उत्तर पूर्व विज्ञान मेले में जूरी पुरस्कार जीता।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : freepik
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विस्तार
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Meghalaya Student: अधिकारियों ने रविवार को बताया कि मेघालय के पूर्वी खासी हिल्स जिले के कक्षा 9वीं के एक छात्र ने उत्तर पूर्व विज्ञान मेले और नवाचार महोत्सव में जूरी पुरस्कार जीत लिया। छात्र ने एक ऐसी प्रणाली विकसित की है, जो गैस रिसाव का पता लगाती है और संभावित दुर्घटनाओं को रोकने के लिए निवारक उपाय शुरू करती है।
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मावंगाप जिला क्रिश्चियन मल्टीपर्पस एचएस स्कूल के छात्र जेम्स डोनाल्ड खारकोंगोर को राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय परिषद की एक इकाई, गुवाहाटी स्थित राष्ट्रीय विज्ञान केंद्र द्वारा आयोजित क्षेत्रीय कार्यक्रम में यह सम्मान प्राप्त हुआ।

लैतप्यंटर सिनरंगकबन गांव के रहने वाले जेम्स ने बताया कि उनके पिता एक स्कूल शिक्षक हैं जबकि उनकी मां गृहिणी के रूप में काम करती हैं।
 
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स्मार्ट गैस सुरक्षा प्रणाली से मिली जूरी पुरस्कार

उन्होंने अपने नवाचार के पीछे की प्रेरणा बताते हुए कहा, "मैं राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के लिए अपने विचार देना चाहता हूं।"

अधिकारियों ने बताया कि परियोजना की व्यावहारिक प्रासंगिकता, तकनीकी एकीकरण और संभावित सामाजिक प्रभाव को देखते हुए यह पुरस्कार प्रदान किया गया है।

उन्होंने बताया कि स्मार्ट एलपीजी सुरक्षा और जोखिम निवारण प्रणाली उन्नत गैस सेंसरों का उपयोग करके वायु गुणवत्ता की निरंतर निगरानी करती है और गैस की सांद्रता सुरक्षित स्तर से अधिक होने पर बजर अलार्म सक्रिय कर देती है।

उन्होंने आगे बताया कि एकत्रित गैस को फैलाने और प्रज्वलन के जोखिम को कम करने के लिए एक स्वचालित निकास पंखा भी साथ ही चालू हो जाता है


गैस रिसाव रोकने में उन्नत तकनीक

अधिकारियों ने बताया कि इस उपकरण की एक प्रमुख विशेषता स्वचालित सोलेनोइड वाल्व है जो रिसाव का पता चलने पर गैस की आपूर्ति बंद कर देता है, जिससे आगे रिसाव रुक जाता है और आग या विस्फोट का खतरा कम हो जाता है।

उन्होंने यह भी बताया कि यह प्रणाली दूरस्थ निगरानी और वास्तविक समय की सूचनाओं के लिए आईओटी-आधारित अलर्ट से भी एकीकृत है।

शिलांग विज्ञान केंद्र का इनोवेशन हब व्यावहारिक प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन और वैज्ञानिक प्लेटफार्मों से परिचय कराकर खारकोंगोर को मार्गदर्शन प्रदान कर रहा है।
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