फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शोध के क्षेत्र में श्रेष्ठ बन रहा GLA का केंद्रीय पुस्तकालय

Wed, 12 Jul 2017 12:17 PM IST
amarujala.com- presented by- पूर्णिमा आचार्य
विज्ञापन
विज्ञापन
राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (NAAC) से 'A' ग्रेड प्राप्त जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा गुणवत्ता शिक्षा के लिए जाना जाता है। पुस्तकालय किसी भी संस्थान का हृदय होता है, इसी तरह विश्वविद्यालय के हृदयरूपी पुस्तकालय में प्रवेश के बाद आधुनिक संसाधनों के साथ शांत व सौम्य माहौल जिसमें चारों तरफ ज्ञान की अविरल धारा बहती हुई देखने को मिलती है, जो कि एक विश्वस्तरीय पुस्तकालय होने का अभास कराती है। जहां IIT और NIT के समतुल्य सुविधाएं व्याप्त हैं।
विज्ञापन


केन्द्रीय पुस्तकालय में 1 लाख 60 हजार से अधिक पुस्तकों का भंडार है जिसमें प्रतिवर्ष 10 हजार पुस्तकें जुड़ जाती हैं। इसके साथ-साथ विश्वविद्यालय में डिपार्टमेंटल पुस्तकालय भी हैं। पुस्तकों को वेब ऑपेक के माध्यम से संस्थान के बाहर भी देखा जा सकता है। इसके साथ-साथ देश-दुनिया के प्रसिद्ध प्रकाशकों (एएसएमई, आईईईई, एएसपीपी, इमरॉल्ड, एसीएम डिजीटल लाइब्रेरी और बेंथम साइंस) आदि के 1500 से अधिक ई-जर्नल्स, 100 प्रिंट जर्नल्स, 6000 सीडी रोम का संग्रह जीएलए विश्वविद्यालय के छात्रों व शिक्षकों को नए शोध करने में मदद व प्रेरित करता है। इसी के साथ शोध की गुणवत्ता को अन्तरराष्ट्रीय स्तर के जर्नल व कांफ्रेंस में बनाए रखने के लिए टर्न-इट-इन नामक सॉफ्टवेयर अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। 
Trending Videos

पुस्तकालय में छात्रों के लिए डेलनेट सुविधा भी उपलब्ध

निदेशक एवं प्रोफेसर इंचार्ज लाइब्रेरी प्रो. अनूप कुमार गुप्ता
निदेशक एवं प्रोफेसर इंचार्ज लाइब्रेरी प्रो. अनूप कुमार गुप्ता ने बताया कि पुस्तकालय में छात्रों के लिए डेलनेट सुविधा भी उपलब्ध है। डेलनेट सुविधा से 5 हजार 952 राष्ट्रीय पुस्तकालय तथा 25 अंतरराष्ट्रीय पुस्तकालय जुड़े हुए हैं। इस सुविधा के माध्यम से जीएलए विश्वविद्यालय का पुस्तकालय अपने यूजर्स को उनकी जरूरत (आर्टीकल, बुक्स) को तत्काल उपलब्ध कराता है। अभी तक इसके माध्यम से 1 हजार बुक्स और रिसर्च पेपर अपने शोध कर्ताओं को उपलब्ध करा चुका है।

पुस्तकालय में वेब ऑपेक (ऑनलाइन पब्लिक एक्सेस केटालॉग), शोध गंगा जो कि भारत सरकार का एक प्रोजेक्ट है, इनफ्लिबनेट द्वारा संचालित होता है। इसके अलावा डी-स्पेस, क्लाउड कम्प्यूटिंग, ऑटो ई-मेल अलर्ट, साइबर कम वेबनार रूम, फायर अलार्म स्टिम, सीसीटीवी सिस्टम आदि की सुविधा से जीएलए विश्वविद्यालय का पुस्तकालय परिपूर्ण है। साथ ही साथ 'लोकल गुरु' सॉफ्टवेयर के माध्यम से एनपीटीईएल, आईआईटी प्रोफेसर के लेक्चर, वीडियो आदि को डाउनलोड कर अध्ययन किया जा सकता है।
विज्ञापन

लाइब्रेरी आईआईटी खड़गपुर द्वारा संचालित

लाइब्रेरियन डॉ. पी एम गुप्ता ने बताया कि एनडीएल (नेशनल डिजीटल लाइब्रेरी) जो कि एमएचआरडी से एप्रूब्ड तथा आईआईटी खड़गपुर द्वारा संचालित है, जो कि विश्व की सबसे बड़ी डिपोजिट्री है। इसमें अब तक 10 हजार से ज्यादा छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को पंजीकृत कर दिया गया है। इसके माध्यम से छात्र और शिक्षक 7 लाख ई-बुक्स, 3 लाख लेखक, करीब 18 हजार वीडियो लेक्चर, 262 ऑडियो लेक्चर, 13 लाख रिसर्च पेपर को एक्सेस कर सकते हैं।

उन्होंने बताया कि शोध को बढ़ावा देने के लिए साइंस डायरेक्ट, टेयलर और फ्रांसिस, स्कोपस का सब्सक्रिप्शन अगले महीने से शुरू हो जाएगा। उन्होंने ये भी बताया कि छात्रों की सुविधाओं के लिए लाइब्रेरी की अपनी वेबसाइट है जिसके माध्यम से सभी सेवाएं एवं रिसोर्स को एक ही प्लेटफार्म से सर्च किया जा सकता है। इंसेट लाइब्रेरी से ज्ञान लेकर निभाई भूमिका जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा के विशाल केन्द्रीय पुस्तकालय के माध्यम से विभिन्न विभागों के छात्रों ने शोध कर अहम भूमिका निभाई है। वर्तमान सत्र में अब तक बीटेक मैकेनिकल 18, सिविल इंजीनियरिंग के तीन, बीटेक कम्प्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग के 5 विद्यार्थियों का शोध देश के कोने-कोने में आयोजित होने वाली राष्ट्रीय एवं अन्तरराष्ट्रीय कांफ्रेंस में शोध प्रकाशित हुए हैं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें