नेहरू ग्राम भारती विश्वविद्यालय (NGBV) में जल्द ही एग्रीकल्चर फैकल्टी शुरू होने जा रही है। इसके लिए जमीन चिह्नित कर ली गई है और वहां निर्माण शुरू होने जा रहा है। इसके साथ ही विश्वविद्यालय में नए सत्र से रक्षा विज्ञान का पाठ्यक्रम भी शुरू होने जा रहा है।
सोमवार को संवाददाताओं से बातचीत में विश्वविद्यालय के नवनियुक्त कुलपति प्रो. लल्लन जी सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय में पर्यटन विषय पर भी पाठ्यक्रम शुरू किए जाने की योजना है।
उन्होंने बताया कि हनुमानगंज के दलापुर में संस्थान की 10 एकड़ जमीन चिह्नित कर ली गई है। इसी जमीन पर एग्रीकल्चर फैकल्टी के लिए भवन का निर्माण कराया जाएगा। कहा कि नए सत्र में विश्वविद्यालय में रक्षा विज्ञान का पाठ्यक्रम शुरू होगा और वह खुद क्लास में जाकर विद्यार्थियों को यह विषय पढ़ाएंगे, क्योंकि वह इसी विषय के प्रोफेसर रहे हैं और रक्षा विज्ञान पर ही देश के पहले डीलिट उपाधि धारक हैं।
उन्होंने कहा कि कुलपतियों का काम सिर्फ प्रशासनिक व्यवस्था तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि अपने ज्ञान का सदुपयोग कर कुलपतियों को भी एक सामान्य शिक्षक की तरह बच्चों को पढ़ाना चाहिए।
इसके अलावा भी उन्होंने भविष्य कुछ योजनाओं के बारे में बताया। कहा कि पॉलिटेक्निक संस्थान, जमुनीपुर परिसर में दिव्यांग छात्रों के अध्ययन के लिए विशेष शिक्षा पाठ्यक्रम के तहत चलने वाले कोर्सों के संचालन के लिए नए भवन का निर्माण, सरपतीपुर में मेडिकल एवं पैरा मेडिकल कॉलेज का निर्माण प्रस्तावित है।
सांकेतिक तस्वीर
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इसके अलावा स्नातक एवं परास्नातक विद्यार्थियों को शोध के प्रति जागरूक करने के लिए किशोर वैज्ञानिक प्रोत्साहन योजना के तहत डीएसटी संस्था से सहायता के लिए प्रयास किया जा रहा है। वहीं, विश्वविद्यालय के शोध केंद्र से शोध कर रहे विद्यार्थियों को किसी संस्था से फेलोशिप नहीं मिल रही है।
उन्हें फेलोशिप दिलाने के लिए आईसीएसएसआर, आईसीएचआर, आईसीपीआर, डीएसटी, डीबीटी, सीएसआईआर, राजीव गांधी नेशनल फेलोशिप और आईसीएमआर आदि संस्थाओं से पत्र व्यवहार किया जा रहा है।
विश्वविद्यालय की उपलब्धियां गिनवाते हुए उन्होंने कहा कि यहां तकरीबन पांच हजार छात्र हैं और इनमें 290 जेआरएफ विद्यार्थी हैं। उन्होंने कंप्यूटर, परिवहन, छात्रावास जैसी संस्थान में उपलब्ध सुविधाओं के बारे में जानकारी दी और बताया कि विश्वविद्यालय में सीबीसीएस (च्वॉइस बेस्ट क्रेडिट सिस्टम) भी लागू हैं।
यह दावा भी किया कि यूपी में बीएचयू के बाद सिर्फ नेहरू ग्राम भारती विश्वविद्यालय में ज्योतिष, कर्मकांड एवं वास्तुशास्त्र का डिप्लोमा पाठ्यक्रम है।