फ्रांस के प्रतिष्ठितअंतरिक्ष संस्थान ‘इंस्टीट्यूट सुपेरियर दे लाएयरोनॉटिक एत दे लाएस्पेस’ (आईएसएई) में दो वर्ष के मास्टर्स पाठ्यक्रम के लिए पांच भारतीय स्टूडेंट्स का चयन हुआ है। ये सभी अगस्त में तुलूज के लिए उड़ान भरेंगे। तुलूज विशालकाय एयरबस एवं कई अन्य एयरोस्पेस कंपनियों तथा अनुसंधान केंद्रों का स्थान है। यहीं अंतरिक्ष संस्थान आईएसएई भी स्थित है।
पंजाब की 22 वर्षीय इंजीनियरिंग की छात्रा आरती कालरा को जब इस बारे में पता चला कि उनका चयन फ्रांस के प्रतिष्ठित एयरोस्पेस विश्वविद्यालय के लिए हुआ है, तब उन्हें ऐसा लगा मानो वह सारे बंधन तोड़ हवा में उड़ रही हों। आरती उन पांच मेधावी इंजीनियरिंग छात्रों में शामिल हैं जिनका चयन आईएसएई-एमबीडीए प्रोग्राम ऑफ एक्सीलेंस के तहत फ्रांस के प्रतिष्ठित अंतरिक्ष संस्थान आईएसएई में हुआ है। आईएसएई, अंगूर के बागानों के लिए मशहूर दक्षिण फ्रांस के तुलूज में स्थित है।
चंडीगढ़ के पीईसी विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई करने वाली आरती ने बताया कि जब अंतिम नतीजा आया तब मुझे ऐसा लगा मानों मेरे पंख लग गए हों। मेरे अंदर आसमान में उड़ने की इच्छा और मजबूत हो रही थी। लुधियाना के खन्ना कस्बे की रहने वाली आरती ने कहा कि मैं दुनिया को बताना चाहती हूं कि बेटियां कुछ भी कर सकती हैं।
आरती के कॉलेज की साथी राशिका जैन और दक्षिण भारत से तीन अन्य छात्रों का भी चयन इस पूर्णकालिक छात्रवृत्ति के लिए हुआ है। दक्षिण भारत से चयनित छात्रों में चेन्नई के एसआरएम विश्वविद्यालय के ईशान प्रकाश (22), बेंगलूरू के एमएस रमैया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के कार्तिक वेंकटरमन और सागर शेनॉय मणिकर शामिल हैं।