अपनी रुचि के अनुरुप ही चुनें कॅरिअर
इन क्षेत्रों में संभावनाएं जरूर बढ़ रही हैं, लेकिन हर उभरता कॅरिअर हर विद्यार्थी के लिए सही नहीं होता। किसी विद्यार्थी की रुचि कोडिंग में हो सकती है, तो किसी की बायोलॉजी, रिसर्च, डिजाइन, कम्युनिकेशन, मैनेजमेंट या साइकोलॉजी में। इसलिए कॅरिअर का फैसला केवल सोशल मीडिया ट्रेंड, आकर्षक सैलरी पैकेज, एमबीबीएस या इंजीनियरिंग की पारंपरिक सोच या दोस्तों की पसंद देखकर नहीं किया जाना चाहिए।
क्या एआई कॅरिअर के लिए बीटेक ही जरूरी है? क्या बीसीए, बीएससी, स्टेटिस्टिक्स या इलेक्ट्रानिक्स से भी टेक्नोलॉजी स्टेटिस्टिक्स में आगे बढ़ा जा सकता है? अगर नीट में अपेक्षित रैंक नहीं आई, तो हेल्थकेयर में और कौन-कौन से बेहतर स्टेटिस्टिक्स विकल्प हैं। सेमीकंडक्टर के लिए कौन-से कोर्सेज बेहतर हैं। कोर्स और कॉलेज चुनते समय फीस, पाठ्यक्रम और कॅरिअर विकल्प में किसे प्राथमिकता दी जाए। ऐसे सवालों का एक जैसा जवाब हर विद्यार्थी के लिए सही नहीं हो सकता।
इसी निर्णय को आसान बनाने के लिए अमर उजाला दिशा स्टार्स विद्यार्थियों और अभिभावकों के लिए फीस और वन बाई वन एक्सपर्ट कॅरिअर काउंसिलिंग उपलब्ध करा रहा है। इसमें विद्यार्थी अपनी रुचि, एकेडमिक प्रोफाइल, पसंद की स्ट्रीम, सीयूईटी स्कोर, नीट स्कोर और कॅरिअर लक्ष्य के आधार पर बेहतर कोर्स तथा कॉलेज के विकल्प को समझ सकते हैं। सही कॅरिअर केवल किसी ट्रेडिंग फील्ड का नाम चुनने से नहीं बनता। सही निर्णय तब बनता है, जब विद्यार्थी की रुचि, क्षमता और उपलब्ध अवसरों को एक साथ समझा जाए। आपके लिए कौन-सा कॅरिअर सही है। सही कॅरिअर और कोर्स तय करने से पहले एक्सर्ट से बात जरूर करें।