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खुशख़बरीः अब बच्चों को स्कूलों में नोटबुक जमा कराने के लिए भी परीक्षा में अंक मिलेंगे

Tue, 03 Oct 2017 10:36 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/नई दिल्ली
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- फोटो : फाइल फोटो
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दिल्ली सरकार के सरकारी स्कूलों मेें अब छठी से आठवीं तक की कक्षाओं के बच्चों को नोट बुक जमा कराने और विषय की समझ के लिए अंक मिलेंगे। दरअसल सीबीएसई के निर्देशानुसार इस वर्ष शिक्षा निदेशालय ने छठी से आठवीं तक की परीक्षा के प्रारूप में बदलाव किया है।
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इस बदलाव के चलते ही पहले सत्र की परीक्षा में नोट बुक के लिए 2 अंक व विषय एनरिचमेंट (विषय संवर्धन) के लिए 3 अंक मिलेंगे। इसी तरह से दूसरे सत्र की परीक्षा में नोट बुक जमा कराने के लिए 3 अंक व विषय इनरिचमेंट के लिए 2 अंक दिए जाएंगे।
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अगले सत्र से 10वीं बोर्ड की परीक्षा शुरू होगी

सीबीएसइऱ्ई - फोटो : Amar Ujala
मालूम हो कि केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड वर्ष 2018 से 10वीं बोर्ड की परीक्षा लेगा। पहले की कक्षाओं से ही बच्चे 10वीं के लिए तैयार हो जाएं, इसके लिए छठी से नौवीं तक के असेसमेंट व एग्जामिनेशन सिस्टम में बदलाव किया गया था।

इसके कारण सभी स्कूलों को एक जैसा रिपोर्ट कार्ड जारी करना है। यह सिस्टम वर्तमान सत्र से लागू किया गया है। इस सिस्टम के मद्देनजर शिक्षा निदेशालय ने सितंबर में प्रमोशन पॉलिसी व एग्जामिनेशन पैटर्न में बदलाव करते हुए इसकी जानकारी स्कूलों को भेजी है।
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कुछ यूं होगा परीक्षा का पैटर्न

सीबीएसई परीक्षाएं - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
निदेशालय के परीक्षा पैटर्न के अनुसार, अब छठी से आठवीं में पहले सत्र की परीक्षा कुल 40 अंक की होगी। इसमें यूनिट टेस्ट के 5 अंक, नोट बुक जमा कराने के 2 अंक, विषय की समझ के 3 अंक व अर्धवार्षिक (पहले टर्म) परीक्षा के लिए 30 अंक होंगे। इस पैटर्न के आधार पर स्कूलों में 10 अक्तूबर को रिजल्ट जारी किया जाएगा।

दूसरे सत्र की परीक्षा कुल 60 अंकों की होगी। इसमें यूनिट टेस्ट के 5 अंक, नोट बुक जमा कराने के 3 अंक, विषय की समझ के 2 अंक व वार्षिक परीक्षा के 50 अंक शामिल हैं। नोटबुक के लिए अंक देने के पीछे सोच यह है कि इससे कक्षा में समझाए गए टॉपिक के आधार पर समझ का पता चल सकेगा।

वहीं विषय की समझ के लिए दिए जा रहे अंकों को देने के पीछे यह सोच है कि इससे बच्चे की विषय आधारित गतिविधियों के प्रति समझ और कौशल की जानकारी मिल सकेगी।
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