दिल्ली विश्वविद्यालय ने हाई कट ऑफ को नियंत्रित करने के लिए इस बार अलग तरीका अपनाया है। इस बार कॉलेज एक दूसरे की कटऑफ देखकर अपनी कटऑफ तय कर सकेंगे। खास बात यह है कि वह एक दूसरे की कटऑफ देख भी सकेंगे। लिहाजा, संभावित कट ऑफ दाखिला पोर्टल पर अपलोड करनी होगी। किसी बदलाव की जरूरत होने पर वह करेंगे और फिर कटऑफ को अंतिम रुप देंगे। जिसके बाद 19 जून को छात्रों के लिए कटऑफ जारी कर दी जाएगी।
बीते सालों की बात करें तो किसी खास कोर्स में कैंपस की कटऑफ कम होती है। लेकिन उस कोर्स की कटऑफ आउट ऑफ कैंपस में अधिक होती है। ऐसे में ज्यादा कटऑफ के चक्कर में छात्र उनके पास दाखिला लेने नहीं पहुंचते। बाद में उन्हें काफी गिरावट करनी पड़ती है। ऐसे में प्रशासन ने कॉलेजों को एक दूसरे की कटऑफ देखकर तैयार करने का तरीका निकाला है।
उधर, कॉलेजों ने संभावित कट ऑफ तैयार कर दाखिला पोर्टल पर डालना शुरू कर दिया है। कॉलेजों को शनिवार शाम तक का समय दिया गया था। लेकिन अब समय सीमा बढ़ाकर रविवार शाम चार बजे तक कर दी गई है। ऐसे में कई कॉलेज रविवार को कटऑफ पोर्टल पर डालेंगे। यह कट ऑफ केवल कॉलेज ही देख सकेंगे छात्रों या अभिभावकों को इसे देखने का मौका नहीं मिलेगा। एक कॉलेज प्रिंसिपल के मुताबिक, हमने संभावित कटऑफ तैयार कर ली थी लेकिन अब इसे रविवार को ही अपलोड करेंगे। सोमवार तक किसी बदलाव की जरूरत महसूस होगी तो बदलाव करेंगे और फिर अंतिम कट ऑफ डीयू को भेजेंगे। बदलाव को लेकर कॉलेज बाध्य नहीं है। उल्लेखनीय है कि इसे तैयार करते समय बीते साल की कटऑफ, बारहवीं के अंकों को देखा जाता है।