डीयू के कॉलेजों में पहली कट ऑफ में तेलंगाना व केरल बोर्ड के हाई स्कोर वाले छात्र बड़ी संख्या में दाखिला ले रहे हैं। कटऑफ बीट करने के कारण कॉलेजों को इन्हें दाखिला देना पड़ रहा है। वहीं, दोनों बोर्ड की मार्कशीट कॉलेजों के लिए परेशानी का सबब बन रही है। दरअसल, दोनों बोर्ड में 11वीं व 12वीं की मार्कशीट संयुक्त रूप से दी जाती है। ऐसे में कॉलेजों को केवल बारहवीं के अंक प्रतिशत निकालने में समय लग रहा है।
एक प्रिंसिपल के मुताबिक, तेलंगाना व केरल बोर्ड के छात्रों की मार्कशीट के कारण दाखिले में समय ज्यादा लग रहा है। इन छात्रों के अंक भी ज्यादा होते हैं लिहाजा इन्हें दाखिले से मना भी नहीं किया जा सकता है। केलकुलेशन करने में प्रो-रेटा फॉर्मूले का इस्तेमाल किया जा रहा है। यह समस्या उन कॉलेजों के सामने ज्यादा आ रही है जहां इन बोर्ड के छात्र दाखिला ले रहे हैं। चूंकि कई कॉलेज चार स्तर की वेरिफेकेशन कर दाखिला दे रहे हैं लिहाजा उन्हें ज्यादा समय लगाना पड़ रहा है। इस कारण से दूसरे बोर्ड के छात्रों के दाखिले मंजूर करने में भी समय लग रहा है।