मैटेरियल साइंस (पदार्थ विज्ञान) की दुनिया भी किसी अजूबे से कम नहीं है। वैश्वीकरण के इस दौर में यह नए सब्जेक्ट के रूप में सामने आया है। इस विषय में पढ़ाई करने वालों के लिए नौकरियों की कमी नहीं है। कई सारी कंपनियों में नौकरी करने के साथ-साथ रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑफिसर बनकर तरह-तरह के नए उत्पाद तैयार करा सकते हैं।
उत्पाद से जुड़े होने के कारण इसका क्षेत्र भी दिनोंदिन बढ़ता जा रहा है। ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रानिक, हाउसहोल्ड, बायोमटेरियल, फार्मा इंडस्ट्री से जुड़कर अपना कॅरियर और समाज को भी कुछ नया दे सकेंगे। देश के साथ-साथ विदेशों में भी नौकरियों के शानदार अवसर हैं। मैटेरियल साइंस में डिग्री लेने के बाद सरकारी क्षेत्रों में भी नौकरियों के बहुत सारे ऑप्शन खुल सकते हैं।
संभावनाएं
रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑफिसर बनने के लिए भौतिक या रसायन में कम से कम स्नातक होने के साथ पीजी (एमएससी) करना जरूरी है। पीजी करने के बाद ही निजी क्षेत्र की कंपनियों में नौकरियों के लिए एप्लाई किया जा सकता है। अगर आप रिसर्च करके इस फील्ड को चुनते हैं तो आपको सैलरी पैकेज अधिक होगा और पद भी बड़ा होगा। रिसर्च के बाद आठ से 10 लाख रुपये न्यूनतम जॉब मिल सकती है। एमएससी करने के बाद सालाना पैकेज चार से पांच लाख रुपये मिलेंगे। मैटेरियल साइंस में देश के कई नामी-गिरामी संस्थान एमएससी की डिग्री दे रहे हैं। यहां से करने के बाद आप अपने कॅरियर को सीधे नया आयाम दे सकते हैं।
•इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ बंगलूरू
•आईआईटी बीएचयू
•सरदार वल्लभ भाई पटेल, गुजरात
•मंगलौर विश्वविद्यालय मंगलौर
•इलाहाबाद विश्वविद्यालय इलाहाबाद
•आईटी मुंबई, कानपुर