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12वीं के बाद चुनें पायलट ट्रेनिंग कोर्स और उड़े सपनों की ऊंचाइयों तक

Thu, 30 Mar 2017 01:04 PM IST
amarujala.com: शिवेंदु शेखर
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इससे पहले हमने आपको 12वीं के बाद इंजीनियरिंग और डॉक्टरी के अलावा कुछ अलग तरह के कोर्स के बारे में बताया। आज उसी की दूसरी कड़ी पेश है। आज फिर से हम आपको कुछ नए विषयों के बारे में बता रहे हैं। अपनी इंटरेस्ट के हिसाब से करियर चयन आपको आसमान की बुलंदियों पर ले जा सकता है। 
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1.मास कम्युनिकेशन: 
इससे पहले कि मास कम्युनिकेशन के बारे में आगे बताया जाए। सबसे पहले ये जान लें कि मास कम्युनिकेशन में सिर्फ जर्नलिज्म नहीं आता। बल्कि जर्नलिज्म के अलावा इसमें वीडियो प्रोडक्शन सहित फिल्म मेकिंग और रेडियो जॉकी तक के सभी कोर्स सामिल होते हैं। करियर के लिहाज से देखा जाए तो ये उन करियर क्षेत्रों में से एक है, जिनमें आपके टैलेंट के हिसाब से आपके भविष्य की ऊंचाइयां तय होती हैं। 

मास कॉम करने के बाद आप चाहें तो किसी प्रोडक्शन हाउस के साथ प्रोड्यूसर, असिस्टेंट प्रोड्यूसर से लेकर रेडियो जॉकी और एंकरिंग तक में करियर आजमा सकते हैं। इन सब के अलावा अगर आपका इंटरेस्ट क्रिएटिव राइटिंग के फील्ड में हो तो उस क्षेत्र में भी नौकरियों के बहुत मौके उपलब्ध हैं। इन सब के अलावा अलग-अलग क्षेत्र में फ्रीलांसिंग के भी कई मौके मौजूद हैं। 
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कोर्स करने के लिए दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया सहित दिल्ली यूनिवर्सिटी और कई अन्य कॉलेजों में भी बैचलर्स ऑफ मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म के कोर्स उपलब्ध हैं। 
कई अच्छी प्राइवेट संस्थाएं भी हैं जिनमें दाखिला लिया जा सकता है। लेकिन कहीं एडमिशन लेने से पहले उसकी अच्छे से जांच परख कर लें। 
 

2.शेफ:   

आज दुनिया उस दौर में पहुंच चुकी है जहां लड़के और लड़कियों में कोई अंतर नहीं रहा गया है। अब हर कोई अपने इंटरेस्ट के हिसाब से अपने करियर का चयन कर रहा है और दुनियाभर में शोहरत कमा रहा है। संजीव कपूर और विकास खन्ना जैसे नाम से आज कौन वाकिफ नहीं है। 

अगर आपको खाने- पकाने का शौक है। घर के किचन में बार -बार जाना अच्छा लगता हो और कभी-कभार जरूरत पड़ने पर मसालों के साथ खेल भी लेते हैं तो फिर आप इंजीनियरिंग के लिए नहीं बने हैं। आप खाने और पकाने के लिए बने हैं। साथ ही मुझे शायद ये बताने की जरूरत नहीं होनी चाहिए कि आज के जमाने में एक शेफ के तौर पर काम करने के कितने मौके हैं। 
चाहे वो कोई 5 स्टार होटल हो या फिर कोई रिसोर्ट या कोई नामी रेस्टोरेंट हर जगह एक नहीं कई ऐसे काबिल शेफ की जरूरत होती है जो उनके कस्टमर को संतुष्ट कर के भेजे। नौकरियों की भी भरमार है। बस जरूरत है तो एक अदद टैलेंटेड आदमी की जो अपने काम को जीता हो। 

कलिनरी कोर्सेज में स्नातक करने के बाद कोई स्टूडेंट चाहे तो बाद में शेफ मैनेजमेंट और किसी खास तरह के खाने में खुद को एक्सपर्ट भी बना सकते हैं।

एक 5 सितारा होटल में लाखों की नौकरी से लेकर खुद के करोड़ों के रेस्टोरेंट बिजनेस तक का सफर तय किया जा सकता है। 
ओबेरॉय सेंटर ऑफ लर्निंग एंड डेवलपमेंट-नई दिल्ली, इंस्टिट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट पूसा-नई दिल्ली, इंटरनेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ कलिनरी आर्ट्स-नई दिल्ली, इंस्टिट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट-औरंगाबाद, इत्यादि जगहों से कोर्स किया जा सकता है। 
 

3.इंटीरियर डिजाइनर: 

देशभर में बढ़ते शहरीकरण की वजह से इंटीरियर डिजाइनर्स की मांग भी बढ़ती जा रही है। अच्छे इंटीरियर डिजाइनर्स की देशभर में बहुत मांग है। अलग-अलग कंस्ट्रक्शन कंपनियों सहित, फ्रीलांसर के काम में भी रोजगार के अवसर मौजूद हैं। 

इंटीरियर डिजाइनर का कोर्स उन छात्रों के लिए मजेदार और करियर के लिए बेहतर साबित हो सकता है जिन्हें अपने घरों की सजावट और लुक्स पर लगातार काम करना अच्छा लगता है। साथ ही साथ उन्हें लगता है इनमें और बेहतरी संभव है। ऐसे स्टूडेंट अगर इंटीरियर डिजाईन में कोर्स करके इसकी बारीकियां सीख जाएं तो भविष्य में पैसों की बरसात हो सकती है। 

देशभर में ऐसे कई कॉलेज हैं जो इंटीरियर डिजाइनिंग में स्पेशलाईजेशन कोर्स करवाते हैं। जहां से कोर्स किया जा सकता है। 
 

4.पायलट

अगर आसमान में उड़ते हेलिकॉप्टर और हवाई जहाज को देख कर सिर्फ हाथों और बाहों के नहीं बल्कि रीढ़ की हड्डियों के भी रौंगटे खड़े हो जाते हैं तो आप पायलट बनना चाहते हैं। और इसके लिए आपको बेहद ही कम मौके मिलने हैं। दो ही तरीके हैं। इंडिया में कमर्शियल पायलट ट्रेनिंग के लिए होने वाले टेस्ट परीक्षा की तैयारी में लग जाएं और अगर चयन हो गया हो तो आंख और दिमाग खोल कर ट्रेनिंग के लिए पहुंचें। 

इंडिया में इंदिरा गांधी इंस्टिट्यूट ऑफ एयरोनॉटिक्स में हर वर्ष 10+2 के बाद कमर्शियल पायलट ट्रेनिंग के लिए एंट्रेंस टेस्ट आयोजित करता है। इसके अलावे विदेशों में भी जा कर ट्रेनिंग के अवसर मौजूद हैं। 

करियर के लिहाज से देखें तो बहुत कम ऐसे पेशे हैं जिनमें इतनी ज्यादा तनख्वाह मिलती हो जितनी कि एक पायलट को दी जाती है। 
 
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5.इवेंट मैनेजमेंट: 

इवेंट मैनेजमेंट वो कोर्स है जिसकी वक्त के साथ-साथ लगातार डिमांड बढ़ती जा रही है। खास कर शहरी क्षेत्रों में इवेंट मैनेजर्स की बहुत ज्यादा जरूरत है। चाहे वो किसी बड़े स्टार का इवेंट हो या फिर किसी इंडस्ट्रियलिस्ट के घर में शादी या फिर किसी कॉर्पोरेट इवेंट हो या किसी नए प्रोडक्ट का लॉन्च हर जगह इस तरह के इवेंट का ठेका किसी इवेंट मैनेजमेंट कंपनी या किसी फ्रीलांसर इवेंट मैनेजर को दे दिया जाता है। 

पहले ये चलन कम हुआ करता था लेकिन ब्यस्त जीवन शैली और भागम भगा से बचने के लिए आज कल चलन छोटे शहरों में भी पांव पसारने लगा है। ऐसे स्टूडेंट जिन्हें अपने घरों में होने वाले इवेंट में मास्टर जुगाडू़ नाम दिया जाता हो ऐसे लोगों को बेझिझक ही इवेंट मैनेजमेंट में अपना करियर ट्राइ करना चाहिए। साथ ही थोड़े से बेहतर कम्युनिकेशन स्किल और कॉन्टेक्ट अच्छे होने पर खुद की इवेंट मैनेजमेंट कंपनी भी तैयार की जा सकती है। 

देशभर के कई ऐसे कॉलेज हैं जहां बीबीए के बाद या ग्रेजुएशन के बाद इवेंट मैनेजमेंट में स्पेशलाइजेशन करवाया जाता है। 
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