हरियाणा स्कूल एजूकेशन बोर्ड(HBSE) 12वीं की परीक्षा का रिजल्ट जारी कर दिया गया है। स्टूडेंट्स यहां देख सकते हैं अपना परिणाम।नतीजे बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट
12वीं परीक्षा परिणाम में एक बार फिर शानदार प्रदर्शन कर बेटों को पीछे छोड़ दिया। हरियाणा बोर्ड की ओर से घोषित 12वीं का परीक्षा परिणाम 63.84 रहा। हालांकि परिणाम में पिछले वर्ष की तुलना 0.66 फीसदी की गिरावट आई है। परिणाम में बेटियां इस बार भी छाई रही और 72.38 फीसदी बेटियां पास हुईं जबकि 57.10 फीसदी लड़के ही पास हो सके। सीनियर सेकेंडरी में इस बार दो लाख 22 हजार 388 परीक्षार्थी प्रविष्ट हुए, जिनमें से एक लाख 41 हजार 973 ही उत्तीर्ण हुए। 49163 बच्चों की कंपार्टमेंट आई। 31 हजार 252 परीक्षार्थी फेल हुए।
इस बार ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों ने शहरी बच्चों से बेहतर परिणाम दिया। ग्रामीण क्षेत्र के 64.75 फीसदी बच्चे पास हुए तो शहरी क्षेत्र के 62.04 फीसदी बच्चे पास हुआ। पिछली बार पिछड़ने के बाद इस बार प्राइवेट स्कूलों ने सरकारी स्कूलों से बेहतर परिणाम दिया। प्राइवेट स्कूलों के 64.06 फीसदी परीक्षार्थी और सरकारी स्कूलों के 63.62 फीसदी बच्चे पास हुए। स्वयंपाठी परीक्षार्थियों का परिणाम 47.44 फीसदी रहा है। इस परीक्षा में 1,24,242 छात्र बैठे थे, जिनमें 70,936 पास हुए तथा 98,146 प्रविष्ट छात्राओं में से 71,037 पास हुई।
परीक्षा परिणाम की घोषणा बोर्ड अध्यक्ष डॉ. जगबीर सिंह एवं बोर्ड सचिव धीरेन्द्र खड़गटा ने संयुक्त रूप से की। इस बार लड़कियों ने लड़कों से 15.28 फीसदी ज्यादा पास प्रतिशत देकर बढ़त हासिल की है। डॉ. सिंह ने बताया कि परीक्षार्थी अपने परीक्षा परिणाम बोर्ड की वेबसाइट डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यूडॉटबीएसईएचडॉटओआरजीडॉटइन पर देख सकते हैं। यह परिणाम बोर्ड द्वारा तैयार करवाए गए मोबाइल एप पर भी देखा जा सकता है। इस एप को गूगल प्ले स्टोर में जाने के बाद डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यूडॉटइंडियारिजल्ट्सडॉटकॉम सर्च करके डाउनलोड किया जा सकता है।
सीनियर सेकेंडरी परीक्षा के स्वयंपाठी परीक्षार्थियों का परिणाम 47.44 प्रतिशत रहा है। इस परीक्षा में 19,076 परीक्षार्थी प्रविष्ठ हुए जिनमें से 9,049 पास हुए। बोर्ड सचिव श्री धीरेन्द्र खड़गटा, आईएएस ने बताया कि यह परिणाम आज 18 मई को शाम 5 बजे से संबंधित विद्यालयों/संस्थाओं द्वारा बोर्ड की वेबसाइट पर जाकर अपनी यूजर आईडी और पासवर्ड द्वारा लॉगिन करके डाउनलोड भी किया जा सकेगा। कोई विद्यालय अगर समय पर परिणाम प्राप्त नहीं करता है तो इसके लिए वह स्वयं जिम्मेवार होगा।