बिहार बोर्ड के 12वीं के फर्जी टॉपर गणेश कुमार का मामला सामने आने के बाद अब दोबारा परीक्षा देकर उम्र कम कराने वालों की मुसीबत आ गई है। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति एक ऐसा ऐप बना रही है जिससे डबलिंग होने पर ऐप खुद उन परीक्षार्थियों का नाम शार्ट लिस्ट कर देगा जिन्होंने अपनी उम्र कराने के लिए 10वीं की परीक्षा दोबारा दी है। बोर्ड को ये फैसला 12वीं के फर्जी टॉपर गणेश कुमार की वजह से लेना पड़ा है, जिसने उम्र कम कराने के लिए 10वीं की परीक्षा दोबारा दी थी और 12वीं में टॉप किया।
आपको बता दें कि गणेश ने साल 1990 में बिहार बोर्ड से पहली बार 10वीं की परीक्षा पास की थी। उसके बाद उसने दोबारा साल 2015 में 10वीं की परीक्षा उम्र कम कराने के लिए पास की ताकि उसे सरकारी नौकरी मिल सके।