देशभर के 18 हजार बीएड कॉलेजों के लिए राहत की खबर है। अब वर्षों से पढ़ाये जा रहे बीएड, एमपीएड, डीएलएड, डीपीएड कोर्स बंद नहीं होंगे। इसके साथ ही 2020-21 से चार वर्षीय इंटीग्रेटेड बीएड के चार प्रोग्राम आएंगे, लेकिन उससे पुराने बीएड डिग्री प्रोग्राम पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा।
वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन से मान्यता प्राप्त बीएड, डाइट व निजी कॉलेजों में पहले की तरह पुराने पंद्रह डिग्री व डिप्लोमा कोर्स की पढ़ायी होती रहेगी। उन्होंने बताया कि स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए चार वर्षीय इंटीग्रेटेड बीएड प्रोग्राम की पढ़ाई होगी।
इनमें टीचर एजुकेशन प्रोग्राम प्री प्राइमरी से प्राइमरी, टीचर एजुकेशन प्रोग्राम अपर प्राइमरी से सेकेंडरी, टीचर एजुकेशन प्रोग्राम फिजिकल एजुकेशन और ऑर्ट होंगे। चारों डिग्री प्रोग्राम में दाखिला 12वीं कक्षा के आधार पर होगा। इन प्रोग्राम के लिए विश्वविद्यालयों को बुनियादी ढांचे और फैकल्टी में छूट दी जाएगी।
डी ग्रेड वाले कॉलेज नहीं होंगे बंद
एनसीटीई ने कॉलेजों को मान्यता देने वाले एक्रीडिटेशन नियमों में बदलाव करते हुए उसे आसान कर दिया है। अब एक्रीडिटेशन में डी ग्रेड वाले कॉलेज बंद नहीं होंगे। कॉलेजों में एक्रीडिटेशन पांच साल में एक बार होगा। देशभर के 18 हजार कॉलेज को उसका ब्योरा पोर्टल पर अपलोड करना होगा। डिजिटल पद्धति से ही कॉलेज का चयन होगा।